देश भर में एक हजार से भी ज्यादा आईएएस अधिकारी समय पर अचल संपत्ति रिटर्न (आईपीआर) जमा कराने में विफल रहे हैं।
जिन 1057 अधिकारियों ने साल 2012 में संपत्ति कर जमा नहीं कराया है, उनमें सबसे अधिक 147 उत्तर प्रदेश कैडर से हैं।
इसके बाद अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित केंद्र (एजीएमयूटी) का नंबर आता है, जिसके 114 अधिकारियों ने संपत्ति कर नहीं जमा कराया है।
डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग डाटा के अनुसार इस सूची में मणिपुर-त्रिपुरा (100), जम्मू कश्मीर (96) और मध्य प्रदेश (88) भी शामिल हैं।
इस सूची में आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में सस्पेंड हो चुकी एमपी कैडर की आईएएस दंपत्ति अरविंद और टीनू जोशी का नाम भी है।
1979 बैच के इन अधिकारियों के पास फरवरी 2010 में 350 करोड़ से भी ज्यादा की संपत्ति मिली थी। विभाग द्वारा जारी की सूची में कई और राज्यों के अधिकारियों ने भी अपनी जगह बनाई है।
कर्नाटक कैडर के 58, आंध्र प्रदेश के 53, पंजाब के 48, ओडिशा के 47, पश्चिम बंगाल के 45, हिमाचल प्रदेश के 40, हरियाणा के 35, झारखंड के 25, असम-मेघालय के 23, राजस्थान के 22, तमिलनाडु के 20, महाराष्ट्र के 17, नगालैंड के 16, गुजरात के 14, बिहार के 13, केरल के 10, उत्तराखंड व छत्तीसगढ़ के 9-9 और सिक्किम कैडर के 8 अधिकारियों ने आईपीआर जमा नहीं कराया है। एक ऑल इंडिया सर्विस ऑफिसर को हर साल जनवरी के अंत तक अगले साल के लिए संपत्ति रिटर्न भरना होता है। ऐसा नहीं करने की स्थिति में अधिकारी का प्रमोशन तक रोका जा सकता है।