अपनी सगी निर्मोही मां ने तो चंद दिनों पहले जन्मी अपने कलेजे के टुकड़े को थैले में बंद करके जमाने के हवाले छोड़ दिया था, लेकिन पचास मांएं उसी को अपनाने की ललक लिए आगे आईं।
हर कोई मासूम के सिर पर ममता का आंचल ओढ़ाना चाहता है। हर किसी की चाहत है कि बच्ची उनकी गोद में खेले। फिलहाल मासूम महिला अस्पताल के न्यू बॉर्न केयर यूनिट में भर्ती है। बनारस अहमदाबाद एक्सप्रेस (19408) में शनिवार की रात एक बच्ची मिली थी।
बच्ची को थैले में बंदकर एस-2 कोच के बर्थ नंबर पर तीन पर अपने छोड़ गए थे। जानकारी होने पर टीटीई ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। जिसपर उसे मुरादाबाद में उतार कर महिला अस्पताल के सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनबीसीयू) में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।
एसएनबीसीयू स्टाफ पुष्पा यादव ने बताया कि बच्ची की सेहत पहले से बेहतर है। उसे लेने के लिए दूर दराज से दंपति पहुंच रहे हैं। हर कोई उसे अपना चाह रहा है।