‘बकवास अध्यादेश’ पर राहुल के रुख को सही साबित करने में कांग्रेस जी जान से जुट गई है। साथ ही पार्टी ने दागी नेताओं को बचाने के अध्यादेश को रोकने का श्रेय लेने का अभियान भी चला दिया है।
यही नहीं, पार्टी आगामी चुनाव में राहुल के इस कदम को भुनाने की तैयारी में है। इसी कोशिश में पार्टी ने भाजपा पर ताबड़तोड़ निशाने साधे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि अध्यादेश की वापसी का शत-प्रतिशत क्रेडिट राहुल गांधी को जाता है।
दरअसल, अध्यादेश को लेकर सरकार और कांग्रेस के बीच मतभेद की बातें जिस तरह से सामने आई हैं, उसे लेकर पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। इसे पूरे प्रकरण को राहुल गांधी की जीत के तौर पर दिखाने की कोशिश शुरू हो गई है।
खासकर भाजपा पर हमलावर रुख अख्तियार करने की रणनीति बनाई गई है। पार्टी ने सर्वदलीय बैठकों से लेकर राज्यसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक का हवाला देते हुए भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह दागी नेताओं को बचाने के फैसले में सरकार के साथ थी।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा है कि पहली अगस्त को सर्वदलीय बैठक में मौजूद भाजपा नेता विधेयक पर सहमत थे। फिर 13 अगस्त की बैठक में भी भाजपा नेता राजी थे।
राज्यसभा की कार्यमंत्रणा समिति में भी भाजपा नेताओं ने सहमति जताई थी। अल्वी ने कहा है कि भाजपा नेताओं ने सिर्फ यह मांग की थी कि इस बिल को संसदीय स्थाई समिति में भेज दिया जाए। बिल की मुखालफत उन्होंने नहीं की थी।