जेल और हिरासत में मानवाधिकार के हो रहे उल्लंघनों को रोकने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश की तमाम जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं। शीर्ष अदालत ने इस काम को अंजाम देने के लिए सरकारों को एक साल का वक्त दिया है।
न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसके साथ ही सभी राज्यों को तमाम पुलिस स्टेशनों और लॉक अप में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर विचार करने के लिए भी कहा है।
पीठ ने यह भी कहा कि जिन राज्यों में मानवाधिकार आयोग नहीं है, वहां उसका गठन किया जाए। इसके अलावा आयोगों में खाली पड़े पदों का जल्द नियुक्ति की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि हर थाने में कम से कम दो महिला कांस्टेबल की तैनाती होनी चाहिए।