राज्यसभा में मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव गिर गया है। प्रस्ताव के विरोध में 123 जबकि पक्ष में 109 वोट पड़े। बसपा ने वोटिंग में सरकार का साथ दिया, जबकि सपा ने सदन से वाकआउट किया।
मायावती ने वोटिंग के बाद कहा कि विपक्ष एफडीआई के बहाने जनहित के मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दे रह था। इसलिए उन्होंने सरकार का समर्थन दिया ताकि जनहित के विधेयक पारित हो सकें।
सदन में जीत के बाद संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा अब अपनी हार मान लेगी और संसद को चलने देगी। इससे पहले राज्य सभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। जिसके चलते सदन को ढाई बजे तक स्थगित कर दिया गया। ढाई बजे के बाद चर्चा दोबारा शुरू हुई तो समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने राज्य सभा से वाकआउट कर दिया।
दोबारा चर्चा शुरू होने पर भाजपा से निष्कासित नेता रामजेठमलानी ने एफडीआई पर अपना मत रखा। सरकार ने आज राज्यसभा में रिटेल में एफडीआइ के निर्णय से पहले आम सहमति न बनाने के आरोपों को खारिज कर दिया।
वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि अधिकतर दलों के नेताओं और मुख्यमंत्रियों से इस संबंध में बातचीत की गई थी और 11 राज्यों ने इस क्षेत्र में एफडीआई की नीति का समर्थन किया है।