इसे लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त की हताशा कहें या मोदी सरकार से दूरी बनाकर चलने की सियासत, वजह चाहे जो भी हो एनडीए सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार समारोह में कांग्र्रेस समेत विपक्ष का कोई भी बड़ा नेता शामिल नहीं हुआ।
विपक्षी नेताओं की गैरहाजिरी में समारोह में भाजपा के तमाम दिग्गज चेहरे चमकते नजर आए। वहीं शिवसेना के बहिष्कार के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी के साथ मजबूती से खड़े नजर आए।
राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक दरबार हॉल में हुए शपथ ग्रहण समारोह में विपक्षी खेमे से राज्यसभा सांसद और सपा नेता रामगोपाल यादव की ही एकमात्र मौजूदगी देखी गई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राज्यसभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद हों या लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इनमें से कोई भी मौजूद नहीं था।
कांग्रेस नेता पीजे कुरियन शामिल भी हुए तो प्रोटोकॉल में राज्यसभा के उपसभापति होने के नाते। वामपंथी दलों का भी कोई प्रतिनिधि शरीक नहीं हुआ। इसके बावजूद मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार की सियासी चमक बिखरने में भाजपा के दिग्गजों ने कसर नहीं छोड़ी।
जब पीएम ने कार्यकर्ताओं से पांव छूने को मना किया
पार्टी के पितामह लालकृष्ण आडवाणी ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ पहली पंक्ति में बैठकर समारोह का दीदार किया। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, वसुंधरा राजे, रमन सिंह, देवेंद्र फडणवीस, लक्ष्मीकांत पार्सेकर की मौजूदगी यह जाहिर करने के लिए काफी थी कि केंद्र ही नहीं राज्यों की सियासत पर भी प्रधानमंत्री का पूरा नियंत्रण है। वहीं पार्टी और सरकार के बीच तालमेल को जाहिर करने के लिए संघ से भाजपा की सियासत में आए राम माधव, रामलाल, शिवप्रकाश जैसे प्रमुख चेहरे मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने शपथ लेने के दौरान संघ की बजाय भारत के राज्यमंत्री का त्रुटिपूर्ण वाक्य पढ़ा। मगर बेहद सजग राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तत्काल साध्वी को सही वाक्य बता उसे फिर से पढ़वाया।
शपथ समारोह के बाद चाय के दौरान सरकार में शामिल मंत्रियों के परिजनों, मित्रों और कुछ कार्यकर्ताओं ने जब मोदी का चरण स्पर्श करना शुरू किया तो प्रधानमंत्री ने शालीनता मगर दृढ़ता के साथ उनको पांव छूने से मना किया।
इस दौरान लोगों से रूबरू हो रहे पीएम की ओर भीड़ खींचे चले आने को देखकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मुस्कुराते हुए कहा कि आप घेर लिए जाएंगे, इस पर मोदी ने मुस्कान के साथ कहा कि स्वाभाविक है।