बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और विवादों का चोली दामन सा साथ होता जा रहा है। गुरुवार को भी मांझी ने एक ऐसा बयान दे डाला जिससे फिर से एक नया विवाद पैदा हो गया और मांझी फिर सुर्खियों में आ गए।
इस बार उन्होंने दलितों से अपनी सरकार बनाने के लिए आबादी बढ़ाने की बात कह डाली। इससे पूर्व भी कई विवादास्पद बयान वो दे चुके हैं।
क्या बोल गए मांझी
मांझी ने गुरुवार को जो कुछ भी कहा वह लोगों को चौंकाने के लिए काफी है। एक मुख्यमंत्री से इस प्रकार की सलाह की उम्मीद तो शायद ही किसी को हो।
महेंद्रु स्थित राजकीय कल्याण छात्रावास में दलित छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर दलित बिहार में अपनी सरकार बनाना चाहते हैं तो वह अपनी आबादी बढ़ाएं।
मांझी यहीं नहीं रुके उन्होंने कह डाला कि आबादी बढ़ाने के लिए ये भी आवश्यक है कि दलित अब जात-पात से ऊपर उठकर अंतरजातीय विवाह करें। अब ये तो तय है कि मुख्यमंत्री की ये बेवाकी दूर तलक जाएगी।
बेटे के बचाव में भी दिया था विवादास्पद बयान
इससे पूर्व अभी हाल ही में मांझी के बेटे को युवती के साथ होटल में देखा गया था। जिस पर बेटे का बचाव करते हुए मांझी ने कहा था कि ये कोई अपराध नहीं है कोई भी रख सकता हैं गर्लफ्रेंड।
गुरुवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में दलितों की संख्या 16 प्रतिशत है, इसे बढ़ाकर 22 फीसद तक ले जाना होगा ताकि 25 प्रतिशत वोट प्राप्त कर सरकार बनाना आसान हो।
उन्होंने एकता का संदेश देते हुए शिष्टाचार, अनुशासन व लक्ष्य तय कर उसे प्राप्त करने की शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में अभी अच्छे लोगों की जरूरत है।