लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा है कि अगर किसी दल के सदस्यों की संख्या सदन के कुल सदस्यों की संख्या के 10 फीसदी से कम हो तो ऐसी स्थिति में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए सदन नियमों में बदलाव कर सकता है।
उन्होंने कहा कि स्पीकर के पास कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं होता। स्पीकर को भी नियमों का पालन करना पड़ता है। लोकसभा अध्यक्ष के लिए तय निर्देशों में कहा गया है कि सदन की कुल सदस्य संख्या के 10 फीसदी के बराबर सदस्य वाले दल को विपक्ष के नेता का पद दिया जाएगा।