दिल्ली पुलिस के कुछ आला अधिकारियों के निलंबन की मांग लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे अरविंद केजरीवाल को भले कितना गुस्सा आ रहा हो, लेकिन खाकी नहीं, बल्कि सादी वर्दी में मौजूद एक शख्स उनकी सुरक्षा में तैनात रहा।
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इस शख्स के दूसरे साथी जहां धरने और विरोध-प्रदर्शन की जगह को सुरक्षित रखने और इलाके की घेरेबंदी में लगे थे, वो खुद उन्हीं केजरीवाल की सिक्योरिटी का जिम्मा संभाल रहा था, जो खुद पुलिस के खिलाफ वहां बैठे थे।
वह कोई प्रदर्शनकारी नहीं, बल्कि सब-इंस्पेक्टर दिनेश कुमार थे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर कुमार रामलीला मैदान में शपथ लेने के बाद से उनके साथ बने हुए हैं, वो भी छाया की तरह।
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साए की तरह रहते हैं केजरीवाल के साथ
दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी यूनिट में कार्यरत दिनेश कुमार तब भी मुख्यमंत्री के साथ रहते हैं, जब वह सचिवालय के कैम्पस में रहते हैं। क्योंकि केजरीवाल ने दूसरा कोई सिक्योरिटी कवर स्वीकार नहीं किया है, इसलिए कुमार का काम काफी मुश्किल है।
जब रेल भवन के पास केजरीवाल का धरना जारी था, तो कुमार का काम और बढ़ गया। अब तक 40 वीआईपी को सुरक्षा मुहैया कराने वाले कुमार ने कहा कि केजरीवाल की सिक्योरिटी संभालना अब तक सबसे मुश्किल साबित हुई है।
उन्होंने कहा, "मैं यहां भीड़ को संभालने के लिए हूं। मुझे सुनिश्चित करना है कि कोई भी मुख्यमंत्री के करीब न आए। यह मेरा काम है और हालात कैसे भी क्यों न हों, मुझे यह करना ही है।" कुमार हर रोज रोहिणी से दिल्ली सचिवालय पहुंचते हैं।
'मेरा काम है केजरीवाल को सुरक्षित रखना'
आम जनता के मुद्दे उठाकर मैदान में उतरे केजरीवाल कई बार दिनेश कुमार को लोगों को उनके करीब आने से न रोकने के लिए भी कहते हैं। कुमार ही थे, जिन्होंने पिछले हफ्ते सचिवालय के बाहर जनता दरबार में भगदड़ की स्थिति बनने पर केजरीवाल को बचाकर निकाला था।
कुमार ने कहा, "हर कोई मुख्यमंत्री से मिलना चाहता है, लेकिन मैं वक्त रहते उन्हें वहां से निकाल लेता हूं।" उन्हें हमेशा चौंकन्ना रहना होता है, क्योंकि दूसरे वीआईपी से अलग केजरीवाल की चाल का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता और वह अपनी मूवमेंट के बारे में किसी को नहीं बताते।
उन्होंने कहा, "मैं सचिवालय में उनके सिक्योरिटी स्टाफ के जरिए उनकी मूवमेंट को ट्रैक करता हूं। मुझे उनसे पहले सचिवालय पहुंचना होता है और जब तक वह दफ्तर में रहते हैं, मुझे वहीं रहना पड़ता है।" कई बार कुमार के पास भोजन करने का वक्त नहीं होता, ऐसे में योग काम आता है।
केजरीवाल कई बार अपने भाषणों में दिल्ली पुलिस पर हमला बोल चुके हैं, लेकिन कुमार अपने काम पर फोकस रखते हैं। उन्होंने कहा, "जब केजरीवाल पुलिस के बारे में बोलते हैं, तो उससे दिमाग को हटाना आसान नहीं होता।"
लेकिन कुमार का काम वो सुनना नहीं है, जो मुख्यमंत्री कहते हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि वह सुरक्षित रहें। उन्हें इसी चीज की ट्रेनिंग दी गई है। जब तक वह सिक्योरिटी विभाग में तैनात हैं, उनका काम मुख्यमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भले इसके लिए उन्हें अपने ही लोगों से क्यों न लड़ना पड़े।
केजरीवाल के बेहद करीब रहने वाले दिनेश कुमार खाकी वर्दी में ऐसे पुलिसकर्मी हैं, जिन्हें खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री भी अपने से शायद दूर न करना चाहें। आखिरकार कुमार पास हैं, तभी दिक्कतें केजरीवाल से दूर रहती हैं।