महिला कर्मचारी के यौन उत्पीड़न का मुकदमा झेल रहे टेरी के कार्यकारी उपाध्यक्ष आरके पचौरी की मुसीबतें और बढ़ गई हैं। टेरी की अब एक और पूर्व महिला कर्मचारी ने पचौरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
महिला ने दस साल पहले पचौरी के हाथों हुए यौन उत्पीड़न का ब्योरा दिया है। साथ ही उसने पचौरी को कार्यकारी उपाध्यक्ष का ऊंचा पद देने के लिए टेरी की भी आलोचना की है। महिला की वकील वृंदा ग्रोवर ने अपने मुवक्किल के साथ यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले का ब्योरा देते हुए कहा है कि इस संबंध में उन्होंने पिछले साल फरवरी में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। अब बाध्य होकर उन्हें सार्वजनिक तौर पर अपनी बात कहनी पड़ी।
टेरी में पचौरी को कार्यकारी उपाध्यक्ष बनाने के मामले में महिला ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में भारतीय का दयनीय रिकार्ड और रसातल में चला गया है। एक आदतन यौन उत्पीड़क को सजा देने के बजाय और ऊंचा पद देकर पुरस्कृत किया गया है।
महिला ने कहा है कि टेरी में काम की शुरुआत करते ही पचौरी ने उन्हें अश्लील नाम से बुलाना शुरू कर दिया था। ग्रोवर ने कहा कि उनकी मुवक्किल पहले से चल रहे एक महिला कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में गवाह के तौर पर पेश होना चाहती हैं और महिला कर्मचारियों के प्रति पचौरी के ‘आचरण और चरित्र’ की बानगी पेश करना चाहती हैं।