खरखौदा क्षेत्र की युवती के साथ गैंगरेप और धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर युवती को खरखौदा से हापुड़ और मुजफ्फरनगर ले जाने के दौरान 30 जुलाई से दो अगस्त तक साथ रहने का आरोप है।
एसएसपी ओंकार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी हबीब राजी (30) पुत्र अल्ला राजी निवासी असौड़ा हापुड़ है।
इस मामले में बुधवार को गिरफ्तार सनाउल्ला से पूछताछ में जानकारी मिली थी कि युवती को हापुड़ और गढ़ ले जाने दौरान उसके धर्मांतरण का फर्जी शपथपत्र बनवाने में हबीब भी शामिल था। यही नहीं, युवती को गढ़ के बाद मुजफ्फरनगर ले जाने के दौरान भी वह साथ रहा।
सनाउल्ला की निशानदेही पर हबीब को बृहस्पतिवार सुबह महिला थाना पुलिस ने हापुड़ रोड से गिरफ्तार किया। एसएसपी के अनुसार हबीब सनाउल्ला का करीबी है। पेशे से वह मोटर पार्ट्स का सप्लायर है और उसे युवती के बारे में पूरी जानकारी थी। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
युवती द्वारा दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट
बयानों में उलझी इस प्रकरण की विवेचना में रोजाना नये खुलासे हो रहे हैं। युवती द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट, धारा 161 और 164 के अलावा मेडिकल परीक्षण के दौरान दिए गए बयानों में भी विरोधाभास आ रहा है।
पुलिस आरोपियों के नामों को लेकर असमंजस में है। धारा-164 के बयानों में युवती ने कहा था कि उसका ऑपरेशन कराने के लिए उसे शानू लेकर गया था। शानू ने खुद को उसका पति बताया था। विवेचना में सामने आया कि वह शानू नहीं कलीम था।
खुद कलीम पकड़ा गया तो उससे पूछताछ में शानू का जिक्र सामने नहीं आया। कलीम के बाद पुलिस ने शानू की खोजबीन शुरू की तो उसकी बजाय सनाउल्ला हत्थे चढ़ गया। सनाउल्ला से पूछताछ हुई तो हबीब की गिरफ्तारी हुई।
आखिर कौन है शानू
युवती के गांव में शानू नाम के दो व्यक्ति हैं। दोनों ही गांव से गायब हैं। युवती ने अपने बयानों में शानू का नाम तो ले लिया, लेकिन उसकी वल्दियत क्या है और वह कहां रहता है, इस बारे में उसे नहीं पता।
पुलिस शानू नाम के आरोपी की हापुड़ में भी खोजबीन कर रही है।
एसएसपी का कहना है कि इस केस के नामजद आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। अब जो गिरफ्तारी हो रही हैं, उनके नाम विवेचना में सामने आ रहे हैं। अभी तक आठ आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जिनमें चार के बारे में पीड़िता नहीं जानती थी।
फिलहाल, शानू और नवीन शर्मा की तलाश है। शानू पर युवती के साथ हापुड़ में दुष्कर्म और धर्मांतरण के शपथपत्र बनवाने में सहयोग का आरोप है और नवीन पर शपथपत्र की नोटरी कराने का। इनके आचरण और आपराधिक संलिप्तता की जांच की जा रही है।