लोकसभा चुनाव यूं तो मैदान में लड़े जाएंगे, लेकिन सोशल मीडिया पर जारी जंग भी कोई कम तीखी नहीं है। सोशल मीडिया पर जारी प्रचार-प्रसार का वोटों पर क्या असर होगा, यह वक्त बताएगा। लेकिन यहां एक अलग तरह की लड़ाई अपने चरम पर पहुंच रही है।
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16वीं लोकसभा के लिए होने वाले इन चुनावों को देश का पहला डिजिटल चुनाव भी कहा जा रहा है। एक तरफ जहां सभी राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया में पूरी जान झोंक दी है, वहीं इन पार्टियों के समर्थक भी प्रचार के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं।
आरोप-प्रत्यारोप के दौर में समर्थकों के बीच सोशल मीडिया में भी जंग छिड़ी हुई है। इस जंग में नेताओं के समर्थक, विरोधी पार्टियों पर उनके नेताओं के पुराने वीडियो खंगाल रहे हैं और फिर इन्हीं वीडियो के सहारे उन पर हमले कर रहे हैं। इस जंग में सबसे आगे अगर कोई है, तो वो भाजपा और आम आदमी पार्टी हैं।
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जब इंटरव्यू से भागे केजरीवाल
सोशल मीडिया की बात करें, तो लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती आम आदमी पार्टी बनकर उभरी है और भगवा दल के समर्थक नई पार्टी पर हमला बोलने में कोई नरमी नहीं दिखा रहे। केजरीवाल विरोधियों ने कुछ खास पुराने वीडियो निकाल लिए हैं और उन पर वर्चुअल हमले बढ़ा दिए गए हैं।
केजरीवाल का न्यूज एक्स चैनल से डिबेट छोड़कर जाने वाले वीडियो इन दिनों खूब शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में पाकिस्तान से संबंधित मुद्दे पर सवाल पूछने पर केजरीवाल नाराज होकर डिबेट छोड़कर जाते दिख रहे हैं।
इसके अलावा केजरीवाल को घेरने के लिए उनके विरोधी पुराने वीडियो निकालकर उनके वादों पर भी सवाल उठा रहे हैं जिसमें दिल्ली में सरकार बनने के बाद केजरीवाल शीला दीक्षित से लेकर कथित कई भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजने की बात कर रहे हैं।
कुमार विश्वास को भी लपेटा गया
केजरीवाल के साथ-साथ उनकी पार्टी के प्रमुख चेहरे कुमार विश्वास पर भी जबरदस्त चुनावी हमले जारी हैं। विश्वास के कई पुराने वीडियो जिसमें वह भाजपा के नेताओं के साथ कविता पाठ करते हुए और मोदी की तारीफ करते नजर आ रहे हैं, खूब शेयर किए जा रहे हैं।
विश्वास के दूसरे कई अमर्यादित वीडियो जिसमें वह केरल की नर्सों पर नस्लभेदी टिप्पणी और महिलाओं पर गलत टिप्पणी कर रहे हैं विरोधियों का हथियार बन रहे हैं।
हालांकि विश्वास इस पर माफी मांग चुके हैं लेकिन राजनीति में जुबां से निकली बात पर काफी समय से हंगामा मचता ही है। हाल ही में पत्रकार से नेता बने आशुतोष का वीडियो भी सोशल मीडिया में जमकर धूम मचा रहा है जहां स्थानीय लोगों के गुस्से से बचने के लिए वह अपनी गाड़ी छोड़कर स्कूटर पर बैठकर भाग रहे हैं।
करन थापर का वीडियो, मोदी की मुसीबत
जैसे भाजपा समर्थकों के निशाने पर केजरीवाल हैं, ठीक वैसे ही मोदी को सबसे बड़ी चुनौती मानकर चल रही AAP के समर्थक भी मोर्चा खोले बैठे हैं। ट्विटर से लेकर फेसबुक तक आप समर्थकों के निशाने पर मोदी और गुजरात है।
केजरीवाल का ट्विटर अकाउंट हो या कुमार विश्वास का, आप का फेसबुक पेज हो या मनीष सिसोदिया, सभी के निशाने पर मोदी हैं। जब पार्टी के बड़े नेता मोर्चा खोले बैठे हैं, तो समर्थक क्यों पीछे रहें?
मोदी पर आप समर्थकों के हमले जिस वीडियो को आधार बनाकर हो रहे हैं वो करन थापर वाला इंटरव्यू है, जिसमें गुजरात दंगे के सवाल पर मोदी बीच में से उठकर चले गए थे।
दंगों पर मोदी की मुश्किल
दरअसल गुजरात दंगों को लेकर सबसे ज्यादा असहज होने वाले मोदी की इस दुखती रग पर AAP समर्थक लगातार दबा रहे हैं। इसे ज्यादा से ज्यादा AAP समर्थित पेजों से शेयर किया जा रहा है।
इसके अलावा गुजरात दंगों के दौरान स्टिंग आपरेशन करने वाले पत्रकार और फिलहाल AAP के लोकसभा प्रत्याशी आशीष खेतान वाले वीडियो भी जमकर शेयर किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ गुजरात दंगों के बाद राजधर्म निभाने वाले वीडियो को खूब प्रसारित किया जा रहा है।
दरअसल, AAP समर्थक मोदी को धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर जमकर घेर रहे हैं और केजरीवाल के गुजरात दौरे के बाद उनके विकास के दावों को झूठ का पुलिंदा बता रहे हैं।
वीडियो के साथ-साथ पुराने ट्वीट्स को भी हथियार बनाया जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा शिकार आम आदमी पार्टी के नेता बन रहे हैं। कल ही चंडीगढ़ से AAP उम्मीदवार गुल पनाग की पुरानी मोदी समर्थित ट्वीट पर भाजपा समर्थकों ने जमकर चुटकी ली। इसके बाद ट्वीट वार में भाजपा की चंडीगढ़ से ही उम्मीदवार किरन खैर भी कूद पढ़ीं।
दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों और समर्थकों में जमकर ट्वीटबाजी हुई। इससे पहले पुरानी ट्वीट को लेकर आप की मुंबई से प्रत्याशी मीरा सान्याल भी इस विवाद में फंस चुकी हैं।
मीरा सान्याल के भी पुराने ट्वीट को लेकर भी सोशल मीडिया में काफी हो-हल्ला मचा था जिसमें उन्होंने अपने स्टडी टूर के दौरान गुजरात के विकास की जमकर तारीफ की थी।