‘माई लॉर्ड, मुझे जिंदा कर दो।’ सुप्रीम कोर्ट से यह अजीबोगरीब फरियाद एक बुजुर्ग की है। वह फरियाद लगा रहे थे कि छह साल पहले उन्हें मार दिया गया था, लेकिन वह जिंदा हैं। लिहाजा उन्हें जिंदा होने का प्रमाणपत्र दिया जाए।
66 वर्षीय गुलशन कुमार ने चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि छह साल पहले न्यायालय के एक आदेश ने उन्हें मृत करार दिया था।
पूर्व वायु सैनिक गुलशन ने पीठ को उक्त फैसले की प्रति सौंपते हुए कहा, ‘माई लॉर्ड यह आदेश देखिए। मैं आपके सामने खड़ा हूं, पर पता नहीं क्यों मुझे मार डाला गया। क्या यह दुखद नहीं है।’
गुलशन ने चीफ जस्टिस से गुहार की कि न्यायिक आदेश के जरिये उनके जीवित होने का प्रमाणपत्र दिया जाए। वर्ष 2009 में यह आदेश तब पारित किया गया था जब वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत करते थे।