लोक सेवा में चुने गए अभ्यर्थियों को भी 'रोजगार' नहीं मिल रहा है। नौकरी के लिए वे लोग भी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह मामला ओडिशा लोक सेवा आयोग से जुड़ा़ हुआ है। आयोग ने 2011-12 और 2012-13 में 354 कृषि विज्ञान के स्नातकों को सहायक कृषि अधिकारी (एएओ) के तौर पर चयनित किया था।
लेकिन अभी तक उन चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिली है। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने आयोग से जल्द से जल्द नियुक्ति की मांग की।
दरअसल इनमें से कम से कम 30 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो सरकारी नौकरी के लिए अपनी पहली नौकरी छोड़ कर घर बैठे हुए हैं।
एक अभ्यर्थी संघमित्र साहू ने बताया कि सहायक कृषि अधिकारी का पद बेहतर वेतन के साथ एक सरकारी नौकरी है। इसके लिए उसने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कृषि अधिकारी की नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। लेकिन अब वह बेरोजगार है।
अभ्यर्थियों ने इस समस्या से मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को अवगत कराया था। एक अन्य अभ्यर्थी सुब्रत कुमार बारिक ने बताया कि उनकी शिकायत कृषि विभाग के पास भेजी गई है लेकिन उस पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
गौरतलब है कि ओडिशा कृषि एवं अन्न उत्पादन सेवा के समूह ब के तहत आने वाले सहायक कृषि अधिकारी की वेतनमान 9300-34,800 है। 2011-12 में 106 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था उसके बाद अगले साल बाकी बचे हुए अभ्यर्थियों का।