चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) उत्तर प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय होने जा रहा है, जहां ग्रेजुएशन के फाइनल ईयर और पोस्ट ग्रेजुएशन के दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षा में ऑब्जेक्टिव पेपर आएंगे। अब विद्यार्थियों को परीक्षा में लिखना नहीं पड़ेगा। ओएमआर शीट पर विकल्प भरने की नई व्यवस्था रेग्युलर और प्राइवेट परीक्षार्थियों पर लागू होगी।
नौ जिलों के करीब दो लाख छात्र इसके दायरे में आएंगे। रविवार को एकेडेमिक काउंसिल (एसी) की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। अब इसे कार्य परिषद (ईसी) को मंजूरी मिलनी बाकी है।
मेरठ और सहारनपुर मंडल में सीसीएसयू से संबद्ध करीब 550 कॉलेज हैं। ग्रेजुएशन और पीजी में करीब डेढ़ लाख सीट हैं। प्रतिवर्ष करीब सवा दो लाख छात्र प्राइवेट परीक्षा देते हैं। छात्रों की संख्या ज्यादा होने की वजह से मूल्यांकन में प्राय: देरी होती है। रिजल्ट भी समय से नहीं आ पाता है।
कुलपति विक्रम चंद्र गोयल के मुताबिक, बीए, बीएससी, बीकॉम, एलएलबी के रेग्युलर और प्राइवेट छात्रों के फाइनल ईयर की परीक्षा ऑब्जेक्टिव प्रणाली से कराने पर एसी सहमत हो गई है। पीजी में दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षा भी ऐसे ही कराने पर सहमति बनी है। ओएमआर शीट का मूल्यांकन कंप्यूटर से होगा।
कुलपति का कहना है कि क्वालीफाइंग कोर्स के लिए तो पेपर ऐसे होते रहे हैं, लेकिन ग्रेजुएशन और पीजी में ऑब्जेक्टिव पेपर सिस्टम प्रदेश में पहली बार सीसीएसयू में लागू होगा।