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'कुक का बेटा राष्ट्रपति, चाय वाले का बेटा पीएम'

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भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपने दौरे के आखिरी दौर में भारतीय छात्रों के बीच पहुंचे। सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में ओबामा ने आते ही बड़ी गर्मजोशी के साथ नमस्ते से अपनी बात कहनी शुरू की।
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ओबामा ने कहा कि मैं भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत करने वाला पहला अमेरिकी राष्ट्रपति बना। ये मेरे लिए गर्व की बात है।

पिछली बार मैंने रोशनी के पर्व दीवाली को मुंबई में सेलिब्रेट किया था, बच्चों के साथ डांस किया था। अफसोस, इस बार डांस नहीं कर सका। ओबामा ने बताया कि हमने व्हाइट हाउस में दिवाली मनाई।

ओबामा ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के अहिंसा का जिक्र किया। इसके साथ-साथ विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि विवेकानंद ही अमेरिका में हिंदुत्व और योग लेकर आए।
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विवेकानंद और गांधी जी को किया याद

ओबामा ने आगे कहा कि 100 साल पहले अमेरिका ने भारत के बेटे स्वामी विवेकानंद का स्वागत किया था, जिन्होंने संबोधित किया था- मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों। आज मैं कहता हूं- मेरे भारतीय भाई और बहनों।

धर्म पर बात करते हुए ओबामा ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि सभी धर्म एक ही पेड़ के फूल हैं। धर्म का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। धर्म के नाम पर अगर भारत नहीं बंटेगा तो जरूर तरक्की करेगा।

ताजमहल देखने नहीं जाने को लेकर ओबामा ने कहा कि सीक्रिट सर्विस ने मुझे बाइक की सवारी नहीं करने दी। इसके बाद हिंदी में उन्होंने बहुत धन्यवाद किया।

संबोधन के दौरान ओबामा ने फिल्म शाहरूख की फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' का डायलॉग बोलने की कोशिश की। उन्होंने कहा- बड़े-बड़े देशों में... और फिर ये डायलॉग भूल गए...बाद में बोले आप समझ गए होंगे मैं क्या कहना चाहता हूं।

ओबामा ने संबोधन में कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि भारत अमेरिका का बेस्ट पार्टनर बन सकते हैं। गरीबी को खत्म करने में हमारा सहयोग मिलेगा। बिना परमाणु हथियार वाली दुनिया बनानी है। सोलर एनर्जी और विंड एनर्जी के लिए हमें साथ काम करना है।

'भारत तेजी से बढ़ने वाला देश'

एशिया पसिफिक में भारत की बड़ी भूमिका का अमेरिका स्वागत करता है। ओबामा ने बताया कि यूएन में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन भी अमेरिका कर रहा है। भारत तेजी आगे बढ़ने वाला देश है। क्लीन एनर्जी जरूरी है। भारत उन देशों में है जहां लोग तेजी से गरीबी से ऊपर उठे हैं।

भारत में बहुत विविधता है, जो दुनिया के लिए मिसाल है। यहां ज्यादातर लोग 35 साल से नीचे हैं। युवा ही हैं जो देश की तस्वीर बदल सकते हैं। मैं अमेरिकी लोगों की दोस्ती लेकर आया हूं।

ओबामा ने महिला शक्ति की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में महिला को नेतृत्व करते हुए देखकर खुशी हुई। विंग कमांडर पूजा ठाकुर का जिक्र करते हुए कहा कि गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व करने वाली महिला ऑफिसर गर्व और ताकत का उदाहरण है।

ओबामा ने कहा कि मेरी भी दो बेटियां हैं। हम अपनी बेटियों को मजबूत और सशक्त बनाएंगे। आगे बढ़ने के लिए बेटियों और बहनों को समान अधिकार के साथ-साथ मौके भी देने होंगे, क्योंकि वे इसकी हकदार हैं। अगर महिलाएं सफल हैं तभी देश कामयाब है। अमेरिका में महिलाओं को समान अवसर देने की कोशिशें की जा रही हैं।

'दुनिया में शांति देखना चाहते हैं'

हम दुनिया में शांति देखना चाहते हैं। लेकिन यह शांति तो इंसान के दिल में बसती है। भारत और अमेरिका दोनों ने आतंकवाद को झेला है। अब साथ मिलकर चलने का वक्त है। सब कुछ और बेहतर करने का वक्त है। हमें गर्व है कि अमेरिका में 30 लाख भारतीय हैं। वे हमें एकसाथ बनाए रखते हैं।

ओबामा ने बताया कि मेरे दादा केन्या में ब्रिटिश आर्मी में कुक थे। जब मेरा जन्म हुआ तो मेरे जैसे कई लोग दुनिया के कई हिस्सों में वोट नहीं कर सकते थे।

हम ऐसे देशों से हैं जहां एक कुक का बेटा राष्ट्रपति और चाय वाले का बेटा पीएम बन सकता है। भारत और अमेरिका के लोग मेहनती हैं। हम जैसे देश संपूर्ण नहीं, कई चुनौतियां हैं।

ओबामा ने बताया कि मैं और मिशेल बड़े परिवार से नहीं थे। अमेरिका ने हमें बहुत कुछ दिया। भारतीय भाई-बहनों! हम परफेक्ट देश नहीं हैं। हमारे सामने कई चुनौतियां हैं। हममें कई समानताएं हैं।

'जय हिंद' से खत्म किया संबोधन

ओबामा ने कहा कि भारत को शाहरूख खान, मिल्खा सिंह, मैरी कॉम पर गर्व है। भारत में टैलंट की कमी नहीं है। ओबामा ने कैलाश सत्यार्थी की भी जमकर तारीफ की।

संबोधन के आखिर में ओबामा ने कहा कि हम सब एक ही बगिया के खूबसूरत फूल हैं। हम भारत पर भरोसा करते हैं। हम आपके सपने साकार करने में आपके साथ हैं। आपका पार्टनर होने का गर्व है।

'जय हिंद' से ओबामा ने अपना संबोधन खत्म किया। कार्यक्रम के आखिर में ओबामा और मिशेल ने वहां मौजूद लोगों के बीच जाकर हाथ मिलाया। लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

ओबामा ने नोबेल पुरस्कार विजेता और सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी से भी मुलाकात की। इसके साथ-साथ सत्यार्थी के एनजीओ के छुड़ाए गए तीन बच्चों से अमेरिकी राष्ट्रपति की मुलाकात हुई।

कार्यक्रम के दौरान करीब 2 हजार लोग सीरीफोर्ट ऑडिटोरियम में मौजूद थे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या छात्रों की रही।
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मोदी-ओबामा करेंगे 'मन की बात'

सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में सभा को संबोधित करने के बाद ओबामा और मिशेल सउदी अरब के लिए रवाना हो गए।

ओबामा दिन के करीब 1.50 बजे सउदी अरब के लिए रवाना हो गए। वे सऊदी अरब के नए शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज बिन साऊद से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे और रात्रिभोज में शिरकत करेंगे।

इससे पहले ओबामा की योजना आगरा जाने की थी लेकिन बाद में सुरक्षा वजहों और सउदी अरब के शाह अब्दुल्ला के निधन पर शोक जताने के लिए उन्होंने ये कार्यक्रम रद किया।

ओबामा के भारत से रवाना होने के बाद रात 8 बजे रेडियो पर पीएम मोदी और ओबामा मन की बात करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने इसको लेकर एक फोटो इंस्टाग्राम में डाली है।

बता दें कि इस कार्यक्रम की खास रिकॉर्डिंग दिल्ली के हैदराबाद हाउस में रविवार को हुई थी। ऐसा पहली बार होगा जब मन की बात में मोदी ने किसी के साथ मिलकर अपनी बातें साझा करेंगे।
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