उत्तराखंड में 14 करोड़ रुपये से अधिक के एनआरएचएम घोटाले में किसी बड़े रैकेट का हाथ है, जिसके दबाव में इस मामले की जांच पूरी नहीं की जा रही है। मामले की सुनवाई के दौरान सूचना आयुक्त अनिल शर्मा ने यह तल्ख टिप्पणी करते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य निदेशालय की जांच टीम को फटकार लगाई है।
महानिदेशक स्वास्थ्य के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय जांच कमेटी सूचना आयोग की अदालत में सोमवार को सिर्फ 22 लाख रुपये की एक्सपायरी डेट वाली दवाओं की जांच रिपोर्ट लेकर पहुंची। जबकि कमेटी को 14.70 करोड़ रुपये की राशि से जुड़े पूरे प्रकरण की जांच को कहा गया था। अब इस मामले की जांच के लिए तीन महीने का समय और दिया गया है। साथ ही जांच कमेटी में अब कुल छह सदस्य होंगे। इसमें निदेशक एनआरएचएम, अपर निदेशक प्रोग्राम और संयुक्त निदेशक आरसीएच को भी शामिल किया गया है।
सूचना आयुक्त को धमकी
एनआरएचएम घोटाले की सुनवाई कर रहे सूचना आयुक्त अनिल शर्मा को पिछले कई दिनों से लगातार धमकी भरे फोन आ रहे हैं। यह फोन किसी कॉल सेंटर के जरिये किए जा रहे हैं। अलग-अलग आवाज में यह धमकी दी जा रही है कि इस सुनवाई से खुद को अलग कर लो।
दो दिन पहले जो फोन आया उसमें कहा गया कि यदि इस मामले में दखलंदाजी करनी है तो अपना जीवन बीमा करा लो। इस संबंध में पूछने पर सूचना आयुक्त ने बताया कि अब तक करीब पांच फोन इस तरह के आ चुके हैं। पूर्व में भी अनिल शर्मा को धमकी दी गई थी, जिसकी एफआईआर भी हो चुकी है।