आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय ने अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए वार्षिक आमदनी की सीमा 60 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है। इसी तरह निम्न आय वर्ग (एलआईजी) की सीमा को भी बढ़ाकर दो लाख रुपये वार्षिक कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से 20 लाख लोगों को फायदा होगा।
केंद्रीय आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री अजय माकन ने बुधवार को भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में हुडको के पवेलियन के उद्घाटन के अवसर पर यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने गरीबों के लिए बनाए जाने वाले आवासों के आवंटन के लिए आर्थिक सीमा को बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए राज्य सरकारों और बैंकों से संपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में यह समय सीमा मासिक आय के आधार पर तय की गई थी। उस समय ईडब्ल्यूएस के लिए पांच हजार तथा एलआईजी के लिए पांच हजार से दस हजार रुपये महीना आमदनी की सीमा तय की गई थी। उन्होंने कहा कि लोगों की पिछले सालों में बढ़ी आय तथा महंगाई के मद्देनजर इस सीमा को बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया कि 12वीं पंचवर्षीय योजना के आरंभ में एक अनुमान के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए एक करोड़ 87 लाख सस्ते मकानों की आवश्यकता थी। शहरों में जरूरतमंदों को सस्ते मकान उपलब्ध कराना एक चुनौती है। इसी चुनौती को पूरा करने के मकसद से ईडब्ल्यूएस तथा एलआईजी वर्ग की आय सीमा को पुनर्निर्धारण किया गया है।