ट्रेनों में सफर के दौरान यात्रियों का कैसा अनुभव रहा उसकी तसदीक अब रेलवे खुद करेगा। भारतीय रेलवे ने इसकी जिम्मेदारी भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को दी है।
इसके तहत आईआरसीटीसी यात्रियों के पास इंटर एक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) के माध्यम से कॉल करेगा। शुरुआती दौर में अभी यात्रियों से बुनियादी सुविधाओं स्टेशन, ट्रेन की साफ सफाई, एसी कोच में कुलिंग आदि के बारे में पूछा जाएगा। ताकि यात्रियों के फीडबैक पर तत्काल कार्रवाई की जा सके और यात्रियों का सफर आरामदायक बन सके।
सफर के दौरान यात्रियों को अक्सर ट्रेनों में साफ-सफाई की शिकायत रहती है। बहुत से यात्री कोच में पानी न होने की शिकायत करते हैं। एसी कोच के यात्रियों की शिकायत अमूमन गंदे बेड रोल और कम कूलिंग की रहती है। ऐसी ही शिकायतों को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एक नई पहल शुरू की है।
यात्रियों से लिया जा रहा है फीडबैक
इसके तहत वे यात्री जो आईआरसीटीसी के माध्यम से ई-टिकट ले रहे हैं उनके मोबाइल पर आईवीआरएस माध्यम के तहत कॉल कर उनका फीडबैक लिया जा रहा है।
एक जुलाई से शुरू हुई इस सुविधा में अभी 50 से 60 ट्रेनें ही शामिल हैं, लेकिन अब इसमें अब ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी गई है। इन ट्रेनों में उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) जोन की भी ट्रेनें हैं।
इसमें प्रयागराज, कानपुर शताब्दी, श्रमशक्ति प्रमुख रूप से शामिल है। आईआरसीटीसी के पीआरओ संदीप दत्ता के मुताबिक आईवीआरएस प्रणाली के तहत यात्रियों को स्टेशन/प्लेटफार्म, ट्रेन में सफाई, कैटरिंग की गुणवत्ता और एसी कोच में ठंडक जैसी छह बुनियादी सुविधाओं पर उनका फीडबैक मांगा जा रहा है।
6 में से दो सुविधाओं के बारे में यात्री देंगे फीडबैक
यात्रियों को छह सुविधाओं में से सिर्फ दो सुविधाओं के बारे में फीडबैक देने को कहा जाता है।
विशेष सुविधाओं के संबंध में मोबाइल पर नंबर प्रेस करने के लिए उन्हें तीन विकल्प भी दिए जाते हैं। ‘अच्छा’ के लिए ‘दो’, ‘संतोषजनक’ के लिए ‘एक’ और ‘असंतोषजनक’ के लिए ‘जीरो’ प्रेस करना होगा।
उन्होंने बताया कि फीडबैक प्राप्त करने के बाद आईआरसीटीसी सेवा प्रदाताओं से तुरंत संपर्क करेगी ताकि जितनी जल्दी संभव हो, उसमें सुधार लाया जा सके। यात्रियों को कोई असुविधा न हो इसके लिए सुबह नौ बजे से रात नौ बजे के दौरान आईआरसीटीसी कॉल नहीं करेगा।