विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों में प्रवेश लेने वाले न केवल छात्रों बल्कि उनके अभिभावकों को भी रैगिंग की किसी गतिविधि में शामिल नहीं होने का शपथ पत्र देना होगा। यूजीसी ने अब इसे छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए जरूरी बना दिया है।
यूजीसी ने शपथपत्र को ओथ कमिश्नर द्वारा प्रमाणित कराए जाने की अनिवार्यता से छूट दी है। शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से कई अहम कदम उठाए गए हैं।
आयोग ने उच्चतर शैक्षिक संस्थानों में रैगिंग नियंत्रण के लिए विधिवत रेगुलेशन भी बना दिया है। इसमें विस्तार से बताया गया है कि छात्रों के किस क्रियाकलाप को रैगिंग की श्रेणी में माना जाएगा।