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देखिए मोदी जी, क्या कर रहे हैं आपके नेता!

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धमकी देने के मामले में कोटा उत्तर के विधायक प्रहलाद गुंजल के भाजपा से निलंबित होने के बावजूद शहर के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को धमकाने के सिलसिला थम नहीं रहा है। अब गुंजल के एक समर्थक ने सीएमएचओ डॉ. आरएन यादव को धमकी दी है। धमकी देने का ताजा ऑडियो भी वायरल हो गया है।
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इस ऑडियो में गुंजल के समर्थक दिलीप शुक्ला सीएमएचओ को विधायक का ऑडियो वायरल करने को लेकर धमका रहे हैं। शुक्ला ने है कि यदि इस बात की पुष्टि हो गई कि विधायक का ऑडियो आपने वायरल किया है, तो कोटा ही क्या, कहीं भी नौकरी नहीं कर पाओगे। सीएमएचओ घबराए हुए यह कह रहे हैं कि तो क्या मैं आत्महत्या कर लूं।

पुलिस ने शुक्ला के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। इधर, पुलिस ने विधायक पर दर्ज मामले की फाइल जांच के लिए सीआईडी-सीबी को सौंप दी है। गौरतलब है कि विधायक का धमकी भरा ऑडियो वायरल होने पर गुंजल को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। राजस्थान के चिकित्सकों में इस मामले को लेकर रोष है। वे गुंजल को पार्टी से निष्कासित करने की मांग कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री तक चले जाना, कोई नहीं बचा पाएगा

दीपक शुक्ला ऑडियो में कह रहे हैं कि अगर इस बात की पुष्टि हो गई कि ऑडियो आपने वायरल किया है तो फिर विधायक ने जो कहा था वह हकीकत हो जाएगा। फिर चाहे आप मुख्यमंत्री तक चले जाना। आपको ऊपर तक कोई नहीं बचा पाएगा।

हो सकती है सात साल तक की सजा

आरोप साबित होने पर गुंजल को सात साल तक कैद की सजा भुगतनी पड़ सकती है। गुंजल और उनके समर्थक दिलीप शुक्ला पर आईपीसी की धारा 387 (किसी व्यक्ति को जान से मारने की धमकी देना), धारा 353 (सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालना) और धारा 189 (सरकारी कर्मचारी को मारने की धमकी देना), आईटी एक्ट की धारा 66ए (कंप्यूटर या अन्य किसी दूरसंचार माध्यम से आपत्तिजनक मैसेज भेजना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

‘कमल का बटन नहीं दबाया तो खाली करने होंगे मकान’

कोटा के ही एक अन्य विधायक भवानी सिंह राजावत का निकाय चुनावों के दौरान मतदाताओं को धमकाकर वोट मांगाने का वीडियो भी वायरल हो गया है। राजस्थान में हाल ही में निकाय चुनाव हुए हैं। वीडियो में एक सभा में मतदाताओं से राजावत कह रहे हैं कि आजकल सब पता चल जाता है कि किसको वोट डाला है।

यदि कमल के निशान वाला बटन नहीं दबाया, तो सभी के मकान खाली करवा दिए जाएंगे। कोई बचाने नहीं आएगा। हालांकि एक चैनल पर राजावत ने कहा कि चुनाव में सभी तरह से वोट मांगने पड़ते हैं। जिनका हमने काम करवाया है, उनसे वोट मांगने का हमें हक है।
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