नोएडा विकास प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई एक बार फिर उसके देवरी रोड के अमित नगर स्थित मकान ‘हरी कोठी’ पर छापा मारने आ सकती है।
वहां केंद्रीय जांच एजेंसी पिछले साल चार अगस्त को भी छापामारी कर चुकी है। लेकिन तब उसकी तिजोरियों के चीन निर्मित मजबूत ताले खुल नहीं पाए थे। अब उससे चाबी लेकर इन्हें खोला जा सकता है।
तालों के साथ काली कमाई के कुबेर के कई राज खुल सकते हैं। पिछले छापे में सीबीआई ने पहले खुद जोर लगाया। इसके बाद शहर से ताले खोलने के तीन एक्सपर्ट बुलाए, लेकिन सब हार गए। दो कमरों में रखी लोहे की इन तिजोरियों के ताले खुल ही नहीं पाए थे। इनके अलावा कई अलमारियों को भी नहीं खोला जा सका था।
इनकी चाबी यादव सिंह के पास ही बताई गई थी। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद चाबी हासिल करना सीबीआई के लिए बहुत मुश्किल नहीं रह गया है। आगरा के अलावा सीबीआई की टीम ने उसकी फीरोजाबाद के मोहल्ला दुली स्थित ससुराल में भी छापा मारा था। यहां भी ताले नहीं खुल पाए थे। यादव सिंह की शादी दुली के राम प्रसाद की सबसे छोटी बेटी कुसुमलता से 1980 में हुई थी।