रेलवे की बहुप्रतीक्षित योजना डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (डीएफसी) अगले साल के अंत तक शुरू होने जा रही है। इस कॉरीडोर पर चलने वाली मालगाड़ियों में गार्डों के लिए कोई जगह नहीं होगी।
इन मालगाड़ियों में न ही गार्ड होंगे और न ही गार्ड का डिब्बा। इन मालगाड़ियों पर सीधे ड्राइवर का नियंत्रण रहेगा। गाड़ी के अंतिम डिब्बे में एंड ऑफ ट्रेन टेलीमेटरी (ईओटीटी) यंत्र लगा रहेगा, जो जीएसएमआर सिस्टम से जुड़ा रहेगा और ड्राइवर को जानकारी देता रहेगा कि गाड़ी में सब कुछ ठीक-ठाक है।
डीएफसी के मैनेजिंग डायरेक्टर आदेश शर्मा के मुताबिक ईस्टर्न डीएफसी का काम तेजी से चल रहा है। खासतौर पर सासाराम से दुर्गावती तक 56 किलोमीटर की दूरी वाले कॉरीडोर को अगले वर्ष तक शुरू कर दिया जाएगा।