शहर की 80 फीसदी आबादी तक अगर आधार कार्ड की पहुंच हो गई है तो ग्राहकों को रसोई गैस डिलवरी करते समय वेंडर ब्लू बुक में इंट्री करने के बजाय इस कार्ड का इस्तेमाल करेंगे। रसोई गैस की बढ़ती कालाबाजारी को रोकने के लिए ग्राहक की ब्लू बुक में इंट्री करना अनिवार्य बनाने के बाद सरकार अब इस योजना को पेश करने जा रही है।
इस योजना के मुताबिक आधार कार्ड धारक परिवार का कोई भी व्यक्ति वेंडर की हैंड हेल्ड डिवाइस पर कार्ड का इस्तेमाल कर रिफिल सिलेंडर को प्राप्त कर सकता है। इस डिवाइस पर कार्ड स्वैप करते ही तेल कंपनियों को रसोई गैस सही उपभोक्ता तक पहुंचने की पक्की खबर मिल जाएगी। जबकि एलपीजी की कालाबाजारी रोकने में भी मदद मिल सकेगी। हालांकि देश में फिलहाल ऐसे शहरों की संख्या काफी कम है जहां 80 फीसदी लोगों को आधार कार्ड विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से जारी किया जा चुका है।
इसके अलावा सरकार के रोडमैप के मुताबिक आने वाले दिनों में उपभोक्ता को घरेलू एलपीजी खरीदने के लिए बाजार मूल्य का नकद भुगतान करना होगा और तेल कंपनियां आधार कार्ड के जरिए सरकार की ओर से दी जाने सब्सिडी का भुगतान जरूरतमंद के बैंक खाते में कर देंगी। सरकार की इस महत्वपूर्ण परियोजना पर यूआईडी प्राधिकरण और इंडियन ऑयल कारपोरेशन लंबे समय से काम कर रहे हैं।
इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने पर सरकार इंडियन ऑयल को पुरस्कृत करने का फैसला भी कर चुकी है। गौरतलब है कि शनिवार को राजस्थान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राष्ट्र के लिए आधार से जुड़ी तमाम सेवाओं को लांच करने जा रहे हैं। इन्हीं में से एक एलपीजी के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल भी है।