सेबी और सहारा समूह के विवाद में नित नए पन्ने जुड़ते जा रहे हैं। निवेशकों का पैसा न लौटाने के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद सुब्रत राय की रिहाई के लिए अब उनके कर्मचारी ही आगे आएंगे।
एक दिलचस्प योजना के मुताबिक सहारा के कर्मचारी 5000 करोड़ रुपये जुटा कर अपने चेयरमैन को जेल से छुड़ाने की पहल करेंगे। इस योजना के मुताबिक यह रकम कर्मचारियों को 'सहारायन ई-मल्टीपरपज सोसाइटी लिमिटेड' के शेयर आवंटित करके जुटाई जाएगी।
कर्मचारियों की ओर से उनकी हैसियत और इच्छा मुताबिक एक से तीन लाख रुपये योगदान करने के लिए कहा गया है। इसके बदले उन्हें इस सोसाइटी के शेयर आवंटित किए जाएंगे। सहारा समूह का दावा है कि उसके पास 11 लाख कर्मचारी और फील्ड वर्कर हैं, जिन्हें हर महीने वेतन मिलता है।
अपील की चिट्ठी
सुब्रत राय की रिहाई के लिए योगदान की अपील एक पन्ने की चिट्ठी में सोसाइटी के निदेशकों और समूह के सहयोगियों के दस्तख्त के साथ जारी की गई है।
इसमें सहारा इंडिया परिवार के हर कर्मचारी को अपनी हैसियत और इच्छा के हिसाब से एक, दो, तीन लाख या इससे ज्यादा की रकम का योगदान करने को कहा गया है।
इस संबंध में पूछने पर सहारा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह चिट्ठी सुब्रत राय या सहारा प्रबंधन ने जारी नहीं की है। यह मौजूदा हालात की प्रतिक्रिया में लोगों की ओर की गई भावुक पहल है।
सहारा श्री के लिए
चिट्ठी से यह नहीं समझा जाना चाहिए कि सुब्रत राय या प्रबंधन ने कर्मचारियों से सहयोग की मांग की है। दरअसल सहारा श्री (समूह में राय को इसी नाम से बुलाया जाता है) ने अपने संगठन को एक परिवार की तरह खड़ा किया है इसलिए इस तरह की भावुक चिट्ठियां देश के हर कोने से आ रही हैं।
हमें उम्मीद है सहारा परिवार के मुख्य अभिभावक के प्रति इस तरह की भावुकता को समझा जाएगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रत राय सहारा की जमानत के लिए 10,000 करोड़ रुपये सेबी के पास जमा करने को कहा था।