सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को फिल्म निर्माता महेश भट्ट की ओर से फिल्मों में धूम्रपान के दृश्य दिखाए जाने पर लगी पाबंदी को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह में इस मसले पर जवाब दाखिल करने को कहा है। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
जस्टिस पी. सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने भट्ट की याचिका पर केंद्र सहित अन्य पक्षों से जवाब तलब किया। इस मामले में सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश को पहले हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
अंतरिम राहत मिलने के बाद एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उस दौरान हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लग गई थी।
भट्ट ने अपनी याचिका में कहा है कि फिल्मों में धूम्रपान के दृश्य दिखाए जाने पर पाबंदी लगाए जाने का आधार उचित नहीं है। याद रहे कि एक एनजीओ ने अपनी दलील में कहा था कि युवा वर्ग फिल्मों से प्रभावित होता है। ऐसे में धूम्रपान के दृश्य फिल्मों में दिखाए जाने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।