गुजरात के एक समाचार चैनल को स्वच्छ भारत अभियान पर एक कार्यक्रम चलाए जाने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। माना जा रहा है कि इस चैनल का लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।
इकॉनोमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जीएसटीवी चैनल पर यह आरोप लगाते हुए नोटिस जारी किया है कि उसने अपने कार्यक्रम में देश के एक सम्मानित नेता और उनके आधिकारिक कार्यालय पर आपत्तिजनक कार्यक्रम दिखाया।
चैनल को जारी किए गए नोटिस में हालांकि नेता का नाम नहीं है लेकिन इस नोटिस के मुताबिक चैनल ने अपने कार्यक्रम में दिखाया कि जिस नेता ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की है क्या वे वास्तव में गांधी की विचारधारा में विश्वास रखते हैं या फिर वे सिर्फ नाम कमाने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल किया है।
निशाने पर 9 लाख का सूट
नोटिस के मुताबिक महात्मा गांधी की जीवनशैली की तुलना इस नेता से करते हुए चैनल ने अपने कार्यक्रम में बताया कि गांधी जी हमेशा सादा जीवन जीते थे जबकि वो नेता 9 लाख का सूट पहनते हैं और महंगी-महंगी गाड़ियों में घूमते हैं।
नोटिस में कहा गया है कि चैनल को किसी भी राजनेता की कार्यशैली पर सवाल उठाने का अधिकार है लेकिन जिस तरह से इस चैनल ने अपने कार्यक्रम में उनकी आलोचना की, वह एक प्रकार से उनकी और उनके कार्यालय की छवि खराब करने की कोशिश की है।
जीएसटीवी दैनिक गुजरात समाचार का ही चैनल है। इस चैनल पर महात्मा गांधी की 67वीं पुण्यतिथि के मौके पर इसी साल 30 जनवरी को यह कार्यक्रम प्रसारित किया गया था।
गांधी की प्रशंसा और गोडसे का महिमामंडन
30 मिनट के इस कार्यक्रम में कुछ हिंदू संगठनों द्वारा नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाए जाने की कोशिश की भी आलोचना की गई। चैनल ने अपने कार्यक्रम में आरोप लगाया कि सरकार गोडसे का महिमामंडन नहीं रोक पा रही है।
चैनल ने अपने कार्यक्रम में बिना किसी नेता का नाम लिए हुए कहा कि लाखों रुपए का सूट पहनने और सिर्फ हवा में झाड़ू लहराने से गांधी की विचारधारा आगे नहीं बढ़ सकती।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक चैनल ने कहा कि देश के एक नेता अलग-अलग मंच पर गांधी की प्रशंसा तो करते हैं लेकिन गोडसे का महिमामंडन रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाते।