ईवीएम मशीन में पहली बार प्रत्याशियों की नापसंदगी पर नोटा (नन ऑफ दि एबव) के बटन की व्यवस्था भले ही चुनाव आयोग ने की थी लेकिन इस बटन को दबाकर दिए गए मतों को वैध नहीं माना जाएगा। इसीलिए प्रत्याशियों के जमानत जब्ती की गणना में कुल वैध मतों में नोटा के तहत पड़े वोटों की संख्या शामिल नहीं होगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्याशियों को ही दिए गए मतों को ही वैध मत माना जाएगा। इसी के आधार पर कुल वैध मतों के छठवें हिस्से से कम मत पाने वाले प्रत्याशी की जमानत जब्त होगी।
चुनाव आयोग ने नोटा के मतों को वैध नहीं माने जाने के संबंध में शनिवार को एक बयान जारी कर यह स्पष्ट किया है क्योंकि बहुत से उम्मीदवारों ने इस बारे में आयोग से सवाल पूछे थे।