भारतीय इतिहास में कायर राजाओं का जिक्र किया जाए तो जेहन में सबसे पहला नाम जयचंद का उभरता है। लेकिन गुप्त राजा रामगुप्त ने शकों से हारने पर अपनी पत्नी तक शक राजा को सौंप दी थी। इतिहास की किताबों में रामगुप्त की कायरता और चंद्रगुप्त की इस वीरता के किस्से लिखे गए हैं।
जयचंद के बारे में बताया जाता है कि जब मुहम्मद गोरी पृथ्वीराज चौहान को बंदी बनाकर अफगानिस्तान ले गया था, तब जयचंद ने गोरी का साथ दिया था। गोरी ने चौहान को कड़ी यातनाएं देकर उनकी आंखे फोड़ दी थीं और वह उन्हें हर रोज दरबार में लाकर अपमानित करता था।
वहीं साल 1757 में हुए प्लासी के युद्ध के दौरान भी एक राजा की कायरता देखने को मिली। अंग्रेजों और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के बीच हुए इस युद्ध में नवाब के सेनापति मीरजाफर ने अंग्रेजों से हाथ मिला लिया था और यही नवाब की हार की बड़ी वजह बना।