राष्ट्रपति के अभिभाषण पर उच्च सदन में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मायावती ने प्रधानमंत्री पर दलित वर्गों का हित न साधने का आरोप लगाया। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने पीडीपी नेता सईद के बयान का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत बनी है इसलिए आतंकवाद पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि सब कुछ प्राइवेट सेक्टरों को दिया जा रहा है और उसमें दलित वर्ग की भूमिका नहीं है। इस पर प्रधानमंत्री ने हल्के फुल्के अंदाज में कहा कि सदन में काफी गुणी लोग बैठे हैं, मैं नया हूं मेरी रक्षा करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग देश की आजादी का श्रेय किसी और को देने को तैयार नहीं है वह देश के विकास में कैसे योगदान दे सकता है।
मोदी ने सदन में बोलते हुए विपक्ष को जनमत का सम्मान करने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि यूपीए ने एनडीए की योजनाओं के ही नाम बदले हैं फिर वो चाहे वो फूड सिक्योरिटी एक्ट हो, फूड सिक्योरिटी हो या सर्व शिक्षा अभियान हो।
मोदी ने कहा कि हम ऐसा नहीं सोचते हैं कि सिर्फ हम कर सकते हैं बल्कि हर किसी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि वो लाल किले से भी कह चुके हैं कि हर पीएम, हर राज्य और सभी सरकारों ने देश की प्रगति के लिए काम किया है।
मोदी ने कहा कि हमें कानून के दायरे के भीतर रहकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं कि सारा ज्ञान हमारे पास है लेकिन मेरी सोच ऐसी नहीं है।