राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी के दिल्ली में चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने के बाद से उनके लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं।
जब उनसे यह बात पूछी गई, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह एक राजनीतिक परिवार से संबंध रखती हैं और भला राजनीति से कैसे दूर रह सकती हैं।
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा, ‘मैं कांग्रेस के लिए प्रचार कर रही हूं क्योंकि मैं कांग्रेस परिवार से जुड़ी हुई हूं। साथ ही मुझे यह भी लगता है कि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने काफी काम किया है और इसलिए उनके लिए प्रचार करना मेरा कर्तव्य है।’
जब उनसे पूछा गया कि इन राजनीतिक गतिविधियों का संबंध अगले लोकसभा चुनावों से तो नहीं है, उन्होंने कहा कि राजनीति सिर्फ चुनाव लड़ने से काफी ज्यादा है। हालांकि उन्होंने इसकी संभावना से भी इनकार नहीं किया।
47 वर्षीय मुखर्जी एक कथक डांसर हैं और उनका मानना है कि चुनाव कहलाने वाला लोकतंत्र का डांस कहीं ज्यादा मुश्किल है।
उन्होंने कहा, ‘यह दूसरा चुनाव है, जिसमें मैं प्रचार कर रही हूं। इससे पहले मैंने अपने भाई के लिए प्रचार किया था।’ यह पहली बार है, जब पार्टी और मुखर्जी दोनों ही साफ संकेत दे रहे हैं।
कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि शर्मिष्ठा मुखर्जी ने दिल्ली में चार रैलियों को संबोधित किया। साथ ही दो रैलियों में मुख्यमंत्री के साथ मंच भी साझा किया। रैलियों में मुखर्जी ने बंगाली और हिंदी दोनों में संबोधित किया। अभिजीत मुखर्जी भी बंगाली बहुल क्षेत्र में डोर टू डोर प्रचार करने में लगे हुए हैं।
भाई पहले से हैं सांसद
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी पिछले साल पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की जांगीपुर सीट से उपचुनाव जीते थे। प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति बन जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। तभी से ही राष्ट्रपति की बेटी के राजनीति में आने की चर्चा चलने लगी थी।