इस खबर से लाखों दिल टूट जाएंगे, क्योंकि देश भर की निगाह जिस 'खजाने' पर टिकी थीं, वह गायब हो गया। डौंडिया खेड़ा गांव को देश के नक्शे पर खास जगह दिलाने वाले संत शोभन सरकार का ख्वाब, ख्वाब रह गया और कोई खजाना नहीं मिला।
मंगलवार दोपहर खबर आई कि खजाने जैसी कोई चीज न मिलने से निराश भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) अब खुदाई रोकने वाला है। पुरातत्व विभाग ने इस बात की पुष्टि कर दी है।
विभाग का कहना है कि जहां खुदाई की जा रही थी, वहां कोई सोना या खजाना नहीं है, इसलिए खुदाई जल्द ही बंद कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को डौंडिया खेड़ा में राव राम बक्स सिंह के किले में खुदाई के दौरान 16 फीट की सतह पर स्वर्ण भंडार नहीं मिला था।
हालांकि यह उम्मीद जताई जा रही थी कि आज खुदाई में कुछ निकल सकता है। लेकिन एएसआई टीम द्वारा खुदाई बंद करने से यह उम्मीद भी खत्म हो गई।
साधु ने ख्वाब में देखा खजाना
इससे पहले संत शोभन सरकार ने सपना देखा था जिसमें उन्हें 19वीं सदी का खजाना नजर आया। खजाना करीब 1,000 टन सोने का।
शोभन सरकार ने यह भी दावा किया था कि सपने में 1857 की लड़ाई में ब्रिटिश से लड़ते हुए शहीद हुए राजा राव राम बख्श सिंह दिखे।
राजा राम सिंह ने उनसे कहा कि उत्तर प्रदेश में उन्नाव जिले के डौंडिया खेड़ा गांव में उनके किले के अवशेष में सोना गढ़ा है, जिसका जिम्मा वह संभाल लें।
इसके बाद साधु केंद्रीय मंत्री चरण दास महंत को इस बात पर राजी करने में कामयाब रहे कि सरकार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम को जांच के लिए भेजे।
यहां तक साधु के शिष्य स्वामी ओम ने यह भी कहा कि यदि खुदाई के बाद सोना नहीं मिलता है तो उनपर राष्ट्रदोह का मुकदमा चलाया जाए।
एएसआई ने भी शुरुआती जांच में जमीन के अंदर गैर चुंबकीय धातु होने की पुष्टि की थी।