उत्तराखंड में मची तबाही में वहां फंसे लोगों पर जो बीत रहा है, उसकी कल्पना भर से रोंगटे खड़े हो जाते। लेकिन जिन लोगों ने इस आपदा में अपने दोस्त-रिश्तेदार खोए, वे भी खुद को नहीं संभाल पा रहे। ऐसी एक महिला ने अपनी जान दे दी है।
केदारनाथ में दर्शन के लिए गए अपने माता-पिता की कोई खोज-खबर न मिलने के बाद ग्वालियर में 35 वर्षीय महिला ने फांसी लगा ली।
ममता त्रिपाठी के पिता नाथूराम पाराशर, मां कमला देवी, अंकल सतीश और आंटी विमला देवी 5 जून को केदारनाथ गए थे। लेकिन अब उनका कोई अता-पता नहीं है। इससे निराश और दुखी ममता ने यह गंभीर कदम उठाया।
ममता के पिता 18 जून को हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे, ताकि अपने सास-ससुर की कोई जानकारी मिल सके। पुलिस के मुताबिक ममता की अपने माता-पिता से आखिरी बातचीत 15 जून को हुई थी, जिसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ।
यह महिला अपने माता-पिता की सलामती मांगने शुक्रवार को मंशादेवी मंदिर गई थी। वहां से लौटकर उसने परिवार के लिए भोजना बनाया, सभी के साथ खाया और उसके बाद फांसी लगा ली।