तेलंगाना गठन पर कई कैबिनेट मंत्रियों के विरोध के बावजूद कांग्रेस हाईकमान के तेलंगाना गठन के फैसले पर अमल के लिए अब सरकार ने कमर कस ली है। गठन की सभी औपचारिक और संवैधानिक प्रक्रियाएं सरकार पांच से छह महीने के भीतर ही पूरी कर लेगी।
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने साफ कर दिया कि संसद के शीतकालीन सत्र में तेलंगाना राज्य के गठन का बिल पारित करा लिया जाएगा।
शिंदे ने कहा कि अब सरकार कांग्रेस कार्य समिति की ओर से दिए गए प्रस्तावों पर अक्षरश: अमल कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि 2014 के आम चुनाव से पहले आंध्रप्रदेश से तेलंगाना को अलग करने के फैसले को अमली जामा पहना दिया जाएगा।
अपने गृहमंत्री कार्यकाल के एक साल पूरे होने के मौके पर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में शिंदे ने माना कि तेलंगाना के फैसले के बाद देश के कई भागों से पृथक राज्य की मांगों ने जोर पकड़ने लगी है।
गृहमंत्री के मुताबिक इनमें से कई मांगें जायज हैं। लेकिन उन्होंने सभी आंदोलनकारियों से अपील की है कि वह अपनी मांगे लोकतांत्रिक तरीके से रखें। ऐसा कोई कदम नहीं उठाएं, जिससे कानून व्यवस्था और सुरक्षा की समस्या खड़ी हो जाए।
शिंदे ने कहा कि सरकार राज्य गठन के लिए संवैधानिक प्रावधानों का इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में तेलंगाना गठन पर राज्य सरकार के मुहर की जरूरत नहीं।
हालांकि कैबिनेट के फैसले के बाद पूरे मसौदे को आंध्र प्रदेश को भेजा जाएगा। वह इसके पक्ष या विरोध में अपना फैसला दे सकती है। लेकिन इससे केंद्र के फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा।