केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को साफ किया कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध के मद्देनजर कानून सख्त करने को लेकर संसद का विशेष सत्र नहीं बुलाएगी।
शिंदे ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कानून में संशोधन के लिए विशेष सत्र का सुझाव दिया था, लेकिन फिलहाल इसकी कोई जरूरत नहीं है। मैं पहले ही जस्टिस वर्मा कमेटी पर सभी दलों से अपनी राय रखने को कह चुका हूं।
इससे पहले संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने भी विशेष सत्र की जरूरत को खारिज करते हुए कहा कि जब तक हमें जस्टिस वर्मा समिति की रिपोर्ट नहीं मिल जाती तब तक हम विशेष सत्र नहीं बुला सकते और उसके बाद बजट सत्र शुरू हो जाएगा। बजट सत्र आमतौर पर फरवरी के तीसरे हफ्ते में शुरू होता है।
यह पूछने पर कि क्या रेप मामलों को लेकर कानून सख्त करना सरकार की प्राथमिकता होगी, उन्होंने कहा कि बेशक यह होगा। 23 दिसंबर 2012 को गठित जस्टिस वर्मा समिति को 30 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी है।