गैंगरेप के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों ने देश भर में नए साल के जश्न को फीका कर दिया है। पीड़िता के लिए उठ रही न्याय की मांगों का सिलसिला भी जारी है।
सरकार, विपक्ष, युवा और बुजूर्ग सभी गैंगरेप की शिकार युवती की मौत के दुख में नए साल के जश्न में शामिल नहीं है। सभी को बस यही चिंता सता रही कि क्या नए साल में लड़कियां और महिलाएं महफूज रहेंगी।
सोशल नेटर्किंग साईट्स पर नए साल की बधाइयों के साथ गैंगरेप के विरोध भी किया जा रहा है। दिल्ली वासियों ने 2013 का स्वागत हल्के फुल्के ढंग से किया है। शहर अब भी गैंगरेप की शिकार 23 वर्षीय पीड़िता के निधन से सदमे में है।
सालों से नए साल के जश्न का केंद्र रहा कनॉट प्लेस इस बार आधी रात को लगभग वीरान रहा। यहां कुछ लोगों के एक छोटे से समूह को नव वर्ष के आगमन का जश्न मनाते देखा गया।
पुलिस नए साल का जश्न मना रहे लोगों की निगरानी में लगी हुई है ताकि कोई अप्रिय घटना ना हो। लेकिन पिछले साल की तुलना में इस बार उसे कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ रही है।
सोमवार को कनॉट प्लेस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन रैली निकाली। पुलिस ने यहां के सेंट्रल पार्क को बंद कर दिया। हालांकि यहां कई रेस्तराओं और खाने पीने की जगहों को सजाया गया है।
कल, पुलिस कर्मी शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की जांच के लिए एल्कोमीटर के साथ तैनात थे। साथ ही रात में कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए शहर भर में अतिरिक्त पुलिस कर्मी तैनात किए गए।
होटल, रेस्तरां, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को ध्यान में रखते हुए पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। पब मालिकों को भी उपद्रवियों को लेकर अधिकारियों को तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।