विरोध प्रदर्शन के दौरान यदि परिवहन निगम की बसों को क्षति पहुंचाई गई तो अब आरोपियों को सरकारी नौकरियों में मौका नहीं दिया जाएगा। जिस रूट पर रोडवेज की बसें फूंकी जाएंगी उन मार्गों पर कार्रवाई नहीं होने तक बसों का संचालन भी नहीं होगा। शासन के नए निर्देश सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को मिल गए हैं।
जाम हो या प्रदर्शन, परिवहन निगम अपनी बसों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गया है। बेवजह बसों में तोड़फोड़ और आगजनी की वारदातें की तो अब खैर नहीं है। उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम के एमडी के.रविंद्र नायक ने आरएम और एआरएम को नए आदेश दिए है। बसों में नुकसान पहुंचाने पर आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने की भरपाई उपद्रव में शामिल आरोपियों से ही की जाएगी। सबसे कठोर फैसला यह लिया गया है कि यदि बसों में आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में छात्र शामिल है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो होगी ही, साथ ही सरकारी नौकरियों में अयोग्य माना जाएगा।