लद्दाख में चीनी घुसपैठ पर बना गतिरोध टूटने के बाद भारत ने कहा है कि दौलत बेग ओल्डी से चीनी सैनिकों को हटाने के लिए कोई डील नहीं की गई।
वहीं, चीन ने सोमवार को यह तो माना कि दोनों देशों के बीच करीब तीन सप्ताह पुराना गतिरोध खत्म हो गया है, लेकिन उसने यह पुष्टि करने से इंकार कर दिया कि चीनी सैनिक अब एलएसी पर 15 अप्रैल से पहले वाली स्थिति में आ गए हैं।
रविवार को दोनों सेनाओं की बैठक में दौलत बेग ओल्डी से सैनिक हटाने पर सहमति बनी थी। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने बीजिंग में कहा कि द्विपक्षीय हितों को देखते हुए भारत के साथ गतिरोध को बातचीत के जरिए दूर कर लिया गया है।
दोनों पक्षों ने इस विवाद को लेकर संयम बरता और इस मुद्दे को कूटनीतिक चैनलों के जरिए हल किया। चुनिंग ने कहा कि हम मानते हैं कि शांति बनाए रखने में ही दोनों देशों का साझा हित है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन सीमा विवाद का जल्द से जल्द दोनों पक्षों को स्वीकार्य हल निकालने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
हालांकि कौन सी मांगों पर भारत के राजी होने के बाद चीनी सैनिक डीबीओ से हटे इस बारे में चुनिंग ने कोई जानकारी नहीं दी। न ही उन्होंने एलएसी पर 15 अप्रैल से पहले वाली स्थिति बहाल करने की पुष्टि की।
वहीं, नई दिल्ली में भी सूत्रों ने इन अटकलों से इंकार किया कि चीनी सैनिकों को डीबीओ से हटाने के लिए चीन के साथ कुछ डील की गई है।
सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्ष सिर्फ बैठकर बातचीत करके एलएसी पर शांति कायम पर रखने पर राजी हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दावा किया कि डीबीओ में चीन और भारत की सेनाएं 15 अप्रैल के पहले वाली स्थिति में आ गई हैं।
चुमार से हट सकती है सेना
समझा जाता है कि एलएसी पर सामरिक दृष्टि से बेहद अहम चुमार क्षेत्र में भारतीय सेना अपनी तैनाती की स्थिति में बदलाव कर सकती है। चीन ने दौलत बेग ओल्डी से हटने के लिए भारतीय सेना के सामने चुमार में बंकर तोड़ने की शर्त रखी थी।
हालांकि यह साफ नहीं है कि भारत ने चीन की मांग किस हद तक मानी है। जम्मू कश्मीर का चुमार वह इलाका है जहां से भारतीय सेना ऊंचाई पर स्थित अपनी पोस्ट से ही चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर पैनी निगाह रख सकती है। सेना ने हाल ही में यहां अपनी चौकी बनाई थी, जिस पर चीन को सख्त ऐतराज है।
भारत एलएसी के पास मजबूत करेगा ढांचा
दौलत बेग ओल्डी से चीनी सैनिकों के बाद अब भारत सीमावर्ती इलाकों में ढांचागत विकास की योजनाओं को तेजी देने जा रहा है। वहीं सेना भी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने जा रही है। सूत्रों ने बताया कि एलएसी के पास गश्त भी बढ़ाई जाएगी।
क्या था विवाद
15 अप्रैल को लेह के दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) क्षेत्र में चीनी सेना भारतीय इलाके में घुस आई। यहां चीन ने पांच टेंट लगाए। इससे कुछ मीटर की दूरी पर भारतीय सैनिक तैनात थे।
पहले कहा गया कि चीन की यह घुसपैठ भारतीय इलाके में 10 किलोमीटर अंदर तक है, लेकिन बाद में सरकार ने बताया कि चीन 19 किलोमीटर तक अंदर आ गया है। यहां चीन के करीब 50 सैनिक थे।
चीन ने इस क्षेत्र में भारतीय सैनिकों द्वारा बनाई पक्की चौकियों पर नाराजगी जताई थी। जबकि भारत का तर्क है कि यह उसका इलाका है, अत: वह यहां निर्माण कार्य कर सकता है।