भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए गुजरात कांग्रेस गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। हालांकि इससे राज्य की भाजपा सरकार को कोई खतरा नहीं है क्योंकि 182 विधायकों वाली विधानसभा में उसके पास पूर्ण बहुमत है।
कांग्रेस प्रवक्ता और विधायक तेजश्री पटेल ने कहा, ‘हम मौजूदा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं और सत्र के दौरान स्पीकर ने इसे स्वीकार कर लिया है। इस पर शुक्रवार को चर्चा होगी।’
उन्होंने कहा, ‘मौजूदा भाजपा सरकार कई तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त है।
कई मंत्रियों पर चल रहा हैं मुकदमें
गुजरात में बाबू बोखिरिया, आनंदी पटेल और पुरुषोत्तम सोलंकी जैसे कई मंत्रियों के नामों की पुष्टि विभिन्न अदालतों में चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों में हो गई है। ऐसे में उन्हें पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।’
इससे पहले कांग्रेस ने तलाथी भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए गवर्नर कमला बेनीवाल के भाषण में बाधा डाली। पटेल के मुताबिक इस घोटाले से 1.4 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बनाने में भाजपा के एक पार्टी कार्यकर्ता का नाम आया था।
चुप्पी साधे है राज्य सरकार
कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार इस मामले पर चुप्पी साधे है। हमारी मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई द्वारा की जाए।
साथ तेजश्री पटेल ने सरकार की ‘सुजलाम सुफलाम योजना’ में हुए कथित भ्रष्टाचार की रिपोर्ट, कैग रिपोर्ट और मानवाधिकार उल्लंघन से संबंधित रिपोर्ट को सामने रखने की मांग की।
कांग्रेसी विधायक ने कहा कि गुजरात आम लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है और मोदी के राज में लूट, हत्या और डकैती आदि के मामले बढ़ गए हैं। गुजरात विधानसभा में भाजपा के 119 विधायक जबकि कांग्रेस के 55 विधायक हैं।