जनता दल यूनाइटेड की अधिकार रैली की ताकत दिल्ली में रहने वाले बिहारवासी बने।
हजारों की तादाद में लोग न सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भाषण सुनने बल्कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर रामलीला मैदान में पहुंचे।
अपने प्रदेश के लिए कुछ करने से बेहतर रैली में भागीदारी कर योगदान देना ही इन लोगों ने मुनासिब समझा।
दिल्ली का रामलीला मैदान पूरी तरह से बिहार के रंग में रंग गया।
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जिधर देखो उधर बिहार के बक्सर, आरा, छपरा, सीवान, नालंदा, मोतीहारी, सीतामढ़ी सहित विभिन्न जिलों से आए लोग और पार्टी कार्यकर्ता नजर आ रहे थे। हाथ में जदयू का झंडा और सिर पर टोपी। पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर से करीब दस हजार लोग पदयात्रा करते हुए रामलीला मैदान पहुंचे।
इसी तरह से पूर्वांचल बहुल संगम बिहार, बदरपुर, बुराडी, मुकुंदपुर, जहांगीरपुरी, मंगोलपुरी, वजीराबाद गांव, पालम, नजफगढ़, शास्त्री पार्क सहित दर्जनों कॉलोनियों से भी काफी संख्या में लोगों ने रैली में शिरकत की।
इसमें बिहार से आकर इन कॉलोनियों में डेरा डाले हुए लोग भी शामिल थे। सबसे अधिक ऐसे बिहारवासियों की भी तादाद थी, जो अपने घर से सफर तय कर रामलीला मैदान पहुंचे थे।
नीतीश की रैली का दिल्ली में रहने वाले बिहारवासियों के अलावा बिहार से जुड़े अनेक सामाजिक-धार्मिक संगठनों ने भी रामलीला मैदान पहुंचकर समर्थन किया।
पूर्वांचल महासंघ, बिहार महासंघ समेत दर्जनों संगठन के पदाधिकारी रैली में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर हुंकार भरी।
दिल्ली में बिहार के कई संगठनों से जुड़े व जदयू नेता मिथिलेश प्रसाद, पवन सिंह और बलराम चौधरी ने बताया कि दिल्ली में जदयू का सांगठनिक ढांचा अधिक मजबूत न होने के बावजूद भी दिल्ली के बिहारवासियों ने काफी समर्थन जोरदार समर्थन किया।
जदयू की सांसद मीना सिंह और जदयू के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता अली अनवर ने बताया कि अधिकार रैली में बिहार के अलावा दिल्ली में रहने वाले प्रदेशवासियों की अच्छी भागीदारी रही।
रामलीला मैदान में यह रैली अपने मकसद में पूरी तरह से सफल रही। पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में इतनी तादाद में लोग उमड़े।