बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 250 लोगों की आबादी वाले राज्य के सभी गांवों को मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत अगले पांच वर्षों में पक्की सड़क से जोड़ने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने को पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस किया गया है।
कुमार ने शनिवार को अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के वर्ष 2012 की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत 34 हजार 116 किमी. सड़क का निर्माण होगा, जिस पर कुल 23 हजार 881 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किसी कारण से जिन गांवों को पक्की सड़क से नहीं जोड़ जा सका है, उसे भी इस योजना के तहत पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना को चालू वित्त वर्ष में ही शुरू किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से इसे अगले पांच वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि इस योजना के तहत वर्ष 2013-14 में पांच हजार 100 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा, जबकि वित्त वर्ष 2014-15 में आठ हजार 530 किमी. सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
कुमार ने कहा कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए पुलिस को उचित प्रशिक्षण के साथ-साथ आधुनिक संसाधनों से भी लैस किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ तत्व अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे है, लेकिन सरकार ऐसे तत्वों को सफल नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में 75 हजार से अधिक अपराधियों को विभिन्न अदालतों से सजा मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर भी करारा प्रहार किया गया है तथा इसे खत्म करने के लिये विशेष न्यायालय का गठन किया जा चुका है। विशेष न्यायालय अधिनियम के तहत भ्रष्ट अधिकारियों के भवनों को जब्त कर उसमें बच्चों के लिए स्कूल खोले गए हैं।
विशेष राज्य के दर्जे की मांग राष्ट्रीय विकास परिषद में उठाएंगे
नीतीश ने कहा कि प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को वह राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार काफी पिछड़ राज्य है और यहां विकास की गति में तेजी लाने के लिए इसे विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए। कुमार ने कहा कि विशेष राज्य के दर्जे की मांग अब जन-जन की मांग हो गई है, जिसे केंद्र सरकार नकार नहीं सकती।