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दिल्ली में हुंकार भरने को नीतीश ने झोंकी पूरी ताकत

Tue, 12 Mar 2013 02:30 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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नीतीश कुमार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 17 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुंकार भरेंगे। रैली में 2014 के लोकसभा चुनावों को लेकर जनता दल (यू) की रणनीति का भी खुलासा हो सकता है।
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जदयू की यह रैली हालांकि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर है, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भी रैली को अहम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी 'अधिकार रैली' को सफल बनाने के लिए बिहार से लेकर दिल्ली तक पूरी ताकत झोंक दी है। संभावना जताई जा रही है कि रैली के जरिए नीतीश लोकसभा चुनावों की तैयारियों का संकेत दे सकते हैं।
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दरअसल बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाना नीतीश की पुरानी मांग रही है। केंद्र सरकार इस मामले पर सैद्धांतिक रूप से सहमत भी है, लेकिन रैली के जरिए नीतीश बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन और मजबूत करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

अभी तक जातियों के खांचे में बंटे बिहार के वोटर को नीतीश विशेष राज्य के एजेंडे पर एकजुट करना चाहते हैं। दरअसल नीतीश को अंदाजा है कि अगर विशेष राज्य का कार्ड चल जाता है तो उन्हें बिहार में तो फायदा होगा ही, साथ ही अगर नरेंद्र मोदी के मुद्दे पर एनडीए से अलग होने की नौबत आती है, तो भी वो नुकसान में नहीं रहेंगे।

राजनीतिक गलियारों में भी नीतीश की रैली को लेकर एक अलग सुगबुगाहट सुनाई दे रही है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग के अलावा, नीतीश कुमार इस रैली के जरिए खुद को अन्य पिछड़े राज्यों के प्रतिनिधि के तौर पर दिखाने की भी कोशिश में हैं।

वहीं, नरेंद्र मोदी को दिल्ली की राजनीति में 'आमंत्रण' देने और मध्यप्रदेश के 'गुणगान' में लगी भाजपा को भी नीतीश संकेत देने की कोशिश कर सकते हैं।

रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली में नीतीश कुमार, पार्टी अध्यक्ष शरद यादव सहित जदयू के सभी बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। रैली के लिए सांसद, विधायक और मंत्रियों तक को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी नेता बिहार से लेकर दिल्ली तक कैंप कर रहे हैं। दिल्ली में रह रहे बिहार के लोगों को भी रैली में शामिल करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
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