पटना में हुंकार रैली के दौरान हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चौतरफा घिर गए हैं। खुफिया सूचना के बावजूद सुरक्षा में बरती गई भारी चूक के कारण हुए इन धमाकों के मामले में गृह मंत्रालय के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा ने उन पर सीधा निशाना साधा है।
एक तरफ खुफिया एजेंसियों ने घटना के संदर्भ में किसी तरह की पूर्व सूचना नहीं दिए जाने के नीतीश के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है तो दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने इस घटना के लिए सीधे राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
गृह मंत्रालय राजनीतिक कारणों से आईएम के आतंकी यासीन भटकल मामले की तरह ही इस मामले में भी जांच का जिम्मा सीधे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पल्ले बांधने की राज्य सरकार की रणनीति से नाराज है।
उधर, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने मंगलवार को पटना जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को नीतीश पटना में नहीं होंगे, इसलिए शिंदे वहां का दौरा नहीं करेंगे।
अब शिंदे की जगह गृह सचिव अनिल गोस्वामी पटना जाएंगे। इसके बाद बुधवार को नीतीश दिल्ली आएंगे और शिंदे से मुलाकात कर ब्लास्ट मामले पर चर्चा करेंगे।
गृह मंत्रालय आतंकवाद को राजनीति से जोड़कर देखने के बिहार सरकार के रवैये से बेहद चिंतित है। गौरतलब है कि इससे पहले नीतीश सरकार ने आईएम के मास्टरमाइंड यासीन भटकल की गिरफ्तारी व जांच की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया था। मंत्रालय के मुताबिक बिहार सरकार के इसी रवैये के चलते केंद्र ने धमाके के ठीक बाद एनआईए की टीम को बीएसएफ के विशेष विमान से पटना रवाना कर दिया था।
वहीं, भाजपा ने 23 अक्तूबर को आईबी की बिहार यूनिट की खुफिया रिपोर्ट की कॉपी सोमवार को सार्वजनिक कर दी। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा कि इस अलर्ट में आईबी ने साफ लिखा है कि मोदी को हिंदू नेता के तौर पर देखा जाता है और वे आतंकवादी संगठनों की हिट लिस्ट में हैं।
इस लिहाज से आतंकी संगठन इस दौरान उन्हें निशाना बना सकते हैं। अब राज्य आईबी यूनिट से निकली इस रिपोर्ट की कॉपी गृह मंत्रालय ने भी मंगवाई है। आईबी की इस रिपोर्ट ने नीतीश और बिहार पुलिस के खुफिया अलर्ट नहीं मिलने के दावे की पोल खोल दी है।
'तीन महीने पहले से घोषित रैली के लिए राज्य सरकार ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे। राज्य सरकार को केंद्रीय एजेंसियों की ओर से 23 अक्तूबर को पुख्ता जानकारी पर आधारित अलर्ट भेजा गया था। इसके बावजूद रैली स्थल पर न तो मेटल डिटेक्टर, न ही जैमर लगाए गए और न ही लोगों की तलाशी का कोई इंतजाम था।'
- अरुण जेटली, भाजपा
'धमाके होने की कोई पूर्व खुफिया सूचना केंद्र या राज्य की खुफिया इकाई की ओर से नहीं दी गई थी। सुरक्षा में कोई खामी नहीं बरती गई।'
- नीतीश कुमार, रविवार को धमाकों के बाद बोले
'जेटली जिम्मेदार व्यक्ति हैं। उन्होंने धमाकों से पहले खुफिया सूचना होने की बात कही है तो मैंने अपने अधिकारियों से कहा है कि वह तथ्यों का पता लगाएं।'
-नीतीश कुमार, सोमवार को