एनडीए से अलग होने के कुछ दिन बाद बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के नेता नीतीश कुमार ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा है कि आज देश को बांटने वाले नेता की जरूरत नहीं है।
देश चाह रहा है कि उसे लोगों में एकजुटता बनाए रखने वाला नेता मिले। जो पारस्परिक सामंजस्य से सबको साथ लेकर चलने वाला हो।
कुमार ने कहा कि भाजपा आज गठबंधन टूटने के बाद उन पर विश्वासघात का आरोप लगा रही है लेकिन वह स्वयं अपने द्वारा किए गए वादे भूल गई है।
एनडीए के गठबंधन के समय ही राम मंदिर मुद्दा, कश्मीर में धारा 370 और समान नागरिक संहिता जैसे संवेदनशील मुद्दों को अलग रखने की बात कही गई थी।
भाजपा ऐसे मसलों से दूर नहीं होना चाहती थी तो हमने उसका साथ नहीं दिया।
हमने भाजपा को पहले ही बता दिया था कि ऐसे नेता को प्रोजेक्ट नहीं किया जाए जिससे गठबंधन की एकता पर खतरा हो। हमारी मांग के बाद भी भाजपा ने इसे अनसुना किया और अब हमारे अलग होने की आलोचना कर रही है।
उल्लेखनीय है कि मोदी को भाजपा ने 2014 के आम चुनाव के लिए अपनी चुनाव समिति का प्रमुख बनाया है। जिसके बाद जनता दल यू भाजपा से अपना 17 साल पुराना गठबंधन तोड़ कर एनडीए से अलग हो गया है।
कुमार ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि भाजपा में अब व्यक्तिवाद का चलन बढ़ गया है। लेकिन लोग जानते हैं कि भाजपा की इस मंशा के पीछे असलियत क्या है।
कुमार ने कहा कि विकसित राज्य गुजरात के विकास मॉडल को पूरे देश के लिए उचित नहीं ठहराया जा सकता। देश में आज भी अधिकांश इलाके पिछड़े हैं जहां विकास के लिए काफी सघनता से प्रयास करना होगा।
कुमार ने गठबंधन की एकता कायम रखने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनता दल यू ने हमेशा से हिंदुत्व का विरोध किया है।
कुमार कहते हैं कि उनके मन में प्रधानमंत्री बनने की जरा भी महत्वाकांक्षा नहीं है।