निर्भया के जीवन पर डॉक्यूमेंट्री बनाकर चर्चा में आई ब्रिटिश फिल्मकार लेस्ली उडविन ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की तुलना बलात्कारियों से कर डाली है। गिरिराज द्वारा हाल ही में सोनिया गांधी पर की गई नस्लीय टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वे किसी बलात्कारी से बेहतर नहीं है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय लघु एवं सूक्ष्म उद्योग राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को लेकर कहा था कि अगर राजीव गांधी गोरी चमड़ी के बजाय नाइजीरिया की किसी महिला से विवाह करते तो कांग्रेस उसका नेतृत्व स्वीकार करती?
गिरिराज सिंह के बयान की कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों ने भर्त्सना की थी। नाइजीरिया ने भी गिरिराज के बयान पर नाराजगी जताई। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी गिरिराज को फटकार लगाई थी।
उडविन ने की गिरिराज सिंह को हटाने की मांग
निर्भया के जीवन पर 'इंडियाज डॉटर' नामक डॉक्यूमेंट्री बनाकर चर्चा में आई लेस्ली उडविन ने कहा कि बिना सोचे-समझे ये टिप्पणियां वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने कहा था कि मेरी डॉक्यूमेंट्री बलात्कारियों को प्लेटफॉर्म प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा, 'भारतीय संसंद क्यों इतने सालों से ऐसे लोगों का प्लेटफॉर्म दे रही है, जो स्त्री विरोधी टिप्पणियां करते हैं। वे बहुत ही बुरे हैं, उनकी टिप्पणी मुकेश सिंह की टिप्पणी से भी बुरी है।'
उल्लेखनीय है कि उडविन की डॉक्यूमेंट्री में निर्भया गैगरेप के मुख्य दोषी मुकेश सिंह ने कहा था कि 16 दिसंबर, 2013 को रेप के लिए निर्भया ही जिम्मेदार थी। उडविन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गिरिराज सिंह को पद से हटा देना चाहिए।
गिरिराज ने पहले भी दिए हैं विवादित बयान
उडविन ने कहा, 'मेरा मानना है कि ऐसी टिप्पणी करने के बाद किसी को भी पद से हटा देना चाहिए।' गिरिराज को पद से हटाने की मांग करने वाली उडविन अकेली नहीं है। कांग्रेस ने गुरुवार को देश भर में गिरिराज के बयान का विरोध किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
कई महिला संगठनों ने भी गिरिराज सिंह के बयान का विरोध करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। भाजपा ने गिरिराज के बयान की आलोचना तो की, लेकिन किसी भी तरह की कार्रवाई के संकेत नहीं दिए।
गिरिराज सिंह पहले भी अपने बयानों के लिए विवादों में आ चुके हैं। लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने कहा था कि जो मोदी के समर्थक नहीं है, वे पाकिस्तान चले जाएं। गिरिराज के उस बयान का काफी विरोध हुआ था।