उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाले पहली सौर ऊर्जा परियोजना को लगाने के लिए नेशनल हाइड्रो पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) ने राज्य सरकार के साथ संयुक्त कारोबार शुरू करने का करार किया है।
पनबिजली के अलावा ऊर्जा के दूसरे स्रोतों में भी दिलचस्पी दिखाते हुए कंपनी करीब 900 करोड़ रुपये की लागत से जालौन जिले के कालपी में इस सौर ऊर्जा प्लांट के निर्माण करने की तैयारी में है। इसके लिए एनएचपीसी ने प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन(एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।
कंपनी को उम्मीद है कि प्रदेश में बिजली संकट दूर करने में यह परियोजना चालू पंचवर्षीय योजना में अपना योगदान देने लगेगी। एनएचपीसी के निदेशक (वित्त) एबीएल श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी की ओर से प्रदेश में पहले सौर ऊर्जा प्लांट को कालपी में लगाया जाएगा।
नई परियोजना का क्रियान्वयन दो चरणों में होगा। 50 मेगावाट बिजली परियोजना के लिए भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। इस पर जल्द काम शुरू होने की संभावना है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना का परिचालन चालू पंचवर्षीय योजना में पूरा कर लिया जाएगा। गौरतलब है कि 8801 मेगावाट क्षमता की कंपनी की कुल 10 परियोजनाएं तमाम विभागों और मंत्रालयों की स्वीकृति के इंतजार में लंबित पड़ी हुई है।
इसमें से 5 संयुक्त कारोबार संबंधी योजनाएं हैं, जिनसे 3686 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है। कंपनी की योजना चालू वित्त वर्ष के अंत तक 945 मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन क्षमता को जोड़ना है। मई 2013 तक कंपनी पहले ही तीस्ता लो डैम तीन परियोजना से 140 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू कर चुकी है।