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बैंड, डीजे, और नाच-गाने के बिना ही करनी होगी शादी

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जोर शोर से बजते बैंड, डीजे, फिल्म संगीत की धुनों पर नाचते थिरकते लोग और सड़कों पर शान से चलती बरात! हिंदुस्तानी शादियों का यह आम मंजर है।
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इसके बिना भारतीय शादी अधूरी मानी जाती है, लेकिन अब महाराष्ट्र में लगता है कि सभी शादियाँ बैंड, डीजे, और नाच-गाने के बिना ही करनी होंगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की पुणे बेंच ने महाराष्ट्र में शादियों और धार्मिक समारोहों में बजने वाले बैंड और डीजे पर रोक लगा दी है।

शादी में बजाए जाने वाले बैंड और डीजे की वजह से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पुणे स्थित सुजल कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की अध्यक्ष उज्ज्वला घाणेकर ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पुणे बेंच में इस साल जनवरी में एक याचिका दायर की थी। इसमें बढ़ते ध्वनि प्रदूषण की वजह से शादियों में बैंड और डीजे पर रोक लगाने की माँग की गई थी।
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इससे पहले नहीं हुई कभी पहल

घाणेकर के वकील असीम सरोदे ने बताया, "ट्रिब्यूनल ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि बैंड और डीजे की आवाज को कम करने के लिए किसी भी सरकारी एजेंसी ने कोई पहल नहीं की। ट्रिब्यूनल ने पुलिस को आदेश दिए हैं कि इसके उल्लंघन की सूरत में कार्रवाई की जाए।

"मुंबई निवासी पीके दास के बेटे की आगामी 25 अप्रैल को शादी है। उन्होंने इस निर्णय का स्वागत करते हुए बताया, "बैंड बाजा और डीजे की वजह से काफी ध्वनि प्रदूषण होता है।"

वे कहते हैं, "हमने पहले से ही यह तय किया था कि शादी में न कोई बैंड बजेगा न ही डीजे। शादी और बाकी धार्मिक आयोजनों में होने वाले ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए यह जरूरी था।"
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तो अब इनका क्या होगा

अधिवक्ता सरोदे ने ट्रिब्यूनल को बताया कि यह समस्या केवल पुणे तक ही सीमित नहीं है बल्कि पूरे महाराष्ट्र में यही स्थिति है। उन्होंने कहा, "हमारी दलील के समर्थन में राज्य के छह अलग-अलग शहरों से वकीलों ने ट्रिब्यूनल में हलफनामे दाखिल किए जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने यह आदेश दिया।

"ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा कि डीजे का इस्तेमाल, एक विशिष्ट जगह लोगों का जमावड़ा और नाचना किसी भी धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं हो सकता।

मुंबई स्थित एक डीजे और ब्रास बैंड सर्विस के संचालक ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया, "हालांकि इस फैसले के बारे में अभी सरकार की ओर से हमें कोई भी अधिकृत सूचना नहीं मिली है लेकिन इसकी वजह से हमारा व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो जायेगा। हम कानूनी सलाह लेकर इस निर्णय को चुनौती देंगे।"
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