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संसद के दोनों सदनों में जेएनयू और रोहित वेमुला का मुद्दा छाया रहा। लोकसभा में जेएनयू विवाद पर दोपहर 3 बजे के बाद चर्चा शुरू हुई। शुरूआत कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। उन्होंने कहा कि देश में असहिष्णुता का वातावरण दिख रहा है, हम इसके गवाह हैं। हमारा देश एक गुलदस्ता है जिसमें हर धर्म, हर जाति के फूल अपनी महक बिखेरते हैं।
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कांग्रेस सांसद ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ सरकार बाबा साहेब के मूल्यों का प्रचार कर रही है और बाहर जाकर दलितों पर अत्याचार कर रही है। गृहमंत्री कहते हैं कि जेएनयू में प्रदर्शन को हाफिज सईद का समर्थन था, उन्होंने ऐसा कहने से पहले इसकी जांच की थी? हालांकि ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा बार-बार आरएसएस का नाम लेने पर लोकसभा अध्यक्ष ने उनसे पूछा कि क्या आरएसएस का नाम बार-बार लेना आवश्यक है?

विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरूआत के बाद भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर सामने आए। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए पूछा कि आखिर वह जेएनयू क्यों गए थे? आखिर अफजल गुरु आतंकी था या नहीं?
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि हम भारत के टुकड़े नहीं होने देंगे। कश्मीर समस्या नेहरू की देन है। आप देश के टुकड़े करने वालों का समर्थन करते हैं। आखिर देश विरोधी नारे लगाने वालों के साथ राहुल गांधी क्यों खड़े रहे? कांग्रेस नेता जेएनयू गए लेकिन कैप्टन पवन के घर क्यों नहीं गए?

रोहित मुद्दे पर उलझी स्मृति और मायावती

राज्यसभा में उस समय भी हंगामे की स्थिति हो गई जब रोहित वेमूला की मौत पर केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी और बसपा अध्यक्ष मायावती एक दूसरे से उलझ गईं। दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या का मुद्दा बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर रोहित मामले में बनाई गई कमेटी में कोई दलित प्रतिनिधि शामिल होगा या नहीं?

बीएसपी की मांग थी कि रोहित वेमुला मामले पर सदन में चर्चा हो। जिसके लिए सरकार तैयार भी हो गई। सरकार की ओर से कहा गया कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के बाद अपना बयान रखेगी। लेकिन बीएसपी सांसद शांत नहीं हुए। उन्होंने मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के इस्तीफे की मांग की।

दूसरी ओर स्मृति ईरानी ने बीएसपी सांसदों से अपील में कहा कि मैं पूरे मामले में जवाब देने को तैयार हूं। अगर आप मेरे जवाब से संतुष्ट नहीं हों तो मेरा सिर कलम कर देना। सदन में भारी शोर-शराबे के बीच स्मृति ईरानी ने दो टूक कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

हाइकोर्ट से कन्हैया को नहीं मिली राहत

जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को झटका देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे जमानत देने से इंकार करते हुए उसकी याचिका पर सुनवाई को 29 फरवरी तक के लिए टाल दिया है।

एएनआई के मुताबिक पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में कन्हैया की बेल के खिलाफ जो स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है उसमें आरोप लगाया गया है कि जेएनयू में गैरकानूनी तौर से बुलाई गई सभा में कन्हैया ने सक्रिय भागीदारी की थी, जहां राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए थे।

साथ ही पुलिस ने कहा कि उसके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए वीडियो फुटेज ही एक मात्र सबूत नहीं है। आरोपों के पक्ष में पुलिस के पास चश्मदीद गवाह सहित अन्य सबूत भी मौजूद हैं।

बता दें कि कोर्ट ने कन्हैया को निचली अदालत में बेल के लिए अर्जी देने को भी कहा है। कल ही हाईकोर्ट ने दिल्ली पु‌लिस को कन्हैया मामले में अपनी स्टेटस रिपोर्ट जमा करने के लिए कहते हु‌ए उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई आज के लिए टाल दी थी।

अमित शाह ने साधा राहुल गांधी पर निशाना

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को यूपी के बहराइच और बलरामपुर के दौरे पर पहुंचे। अमित शाह ने यहां पहुंचकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग भी की।बहराइच पहुंचकर अमित शाह ने जेएनयू और राष्ट्रद्रोह के बारे में अपना पक्ष रखा।

मंच पर अमित शाह ने कहा कि 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' क्या ये कोई आजादी के लिए दिया गया भाषण है या फिर एक देशद्रोह है। अमित शाह ने कांग्रेस और विरोधी पार्टियों पर भी अपना निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि मैं कांग्रेस से पूछना चाहूंगा कि क्या वो अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देशद्रोही नारों का पक्ष नहीं ले रहे?

अमित शाह ने कहा कि संसद में भी इस बात को लेकर ही बहस चल रही है कि क्या देशद्रोह के नारे लगाने की आजादी दी जानी चाहिए या नहीं? अमित शाह ये सब बहराइच में आयोजित एक रैली के दौरान कहा। शाह ने कहा कि संसद में बैठने वाली पार्टियां ये स्पष्ट करें कि क्या देश के खिलाफ लगने वाले ये नारे अभिव्यक्ति की आजादी है या फिर राष्ट्रद्रोह है।

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालो से की जाए भरपाईः सुप्रीम कोर्ट

हरियाणा में जाट आंदोलन और गुजरात में पटेल आंदोलन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की घटना को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। शीर्ष कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अपने आंदोलन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों और राजनीतिक दलों से नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।

हम लोगों को आंदोलन के नाम पर राष्ट्र की संपत्ति को जलाने और देश को बंधक बनाने की इजाजत नहीं दे सकते। कोर्ट ने सार्वजनिक संपति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई और नुकसान की भरपाई के लिए गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए।

कोर्ट ने कहा उन्हीं लोगों से इसकी भरपाई करनी चाहिए जो पब्लिक प्रोपर्टी को नुकसान पहुंचाते हैं। सुप्रीम कोर्ट गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें उन्होंने देशद्रोह के आरोपों को चुनौती दी थी।

नेपाल में 23 यात्रियों को लेकर चला प्राइवेट प्लेन क्रैश

नेपाल में बुधवार सुबह सवारियों को लेकर चला दो इंजन वाला प्राइवेट प्लेन क्रैश हो गया है। जहाज में तीन क्रू मेंबर सहित कुल 23 यात्री सवार थे। जिनमें से अभी तक किसी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के महानिदेशक संजीव गौतम ने बताया कि तारा एयरलाइंस के इस विमान ने पोखरा से जोमसोम के लिए बुधवार सुबह क़रीब आठ बजे उड़ान भरी थी।

इसके कुछ देर बाद ही विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। जिसके बाद लापता विमान की खोजबीन के लिए समिति बनाई गई थी। खोजबीन के काम में तीन हेलीकॉप्टरों को भी लगाया गया था। नेपाल के नागरिक उड्डयन मंत्री आनंद प्रसाद पोख़राल ने एएफ़पी के बताया कि 23 यात्रियों को ले जा रहे विमान का पूरी तरह जला हुआ मलबा मिल गया है।
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जाट आंदोलनः हुड्डा के सलाहकार पर मुकदमा दर्ज

जाट आंदोलन के दौरान वायरल हुए ऑडियो को लेकर प्रदेश सरकार ने आज दंगा कराने की साजिश रचने के आरोप में प्रो वीरेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। यह एफआईआर रोहतक में दर्ज की गई है।

वीरेंद्र सिंह के ऑडियो में उन्हें सिरसा क्षेत्र में इनेलो और इनसो के वर्कर्स की मदद से 'कुछ' करवाने के लिए उकसाते हुए सुना गया है। यह ऑडियो सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश के मंत्रियों ने भी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

दो दिन की बयानबाजी के बाद बुधवार को आखिरकार सरकार हरकत में आई और वीरेंद्र सिंह पर एफआईआर दर्ज कर दी। मंगलवार को ही रोहतक पहुंचे मुख्यमंत्री ने भी दंगा भड़काने की साजिश रचने वालों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए थे।
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