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न्यूज राउंडअपः पढ़ें दिनभर की बड़ी खबरें, क्या क्या रहा खास

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राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ संसद सत्र का आगाज हो गया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित किया। बजट सत्र से ठीक पहले संसद पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सभी दलों से विचार-विमर्श किया गया है। कई बार बातचीत हुई है। देश के नागरिकों के मुद्दों पर गहन चिंतन होगा।
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मोदी ने कहा कि विपक्ष के साथियों ने जो सकारात्मक रुख दिखाया है आज से शुरू हो रहे सत्र में उनके सहयोग की उम्मीद है। विश्व की नजर इस बजट सत्र पर है।

इससे पहले संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने बताया कि सरकार को इस बार के संसद सत्र में 32 बिल पास कराने की उम्मीद है। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील की हैं। वहीं जेएनयू मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय को बंद करने की योजना नहीं है।

जाट आंदोलन: हरियाणा में सुधरे, राजस्‍थान में बिगड़ने लगे हालात

जाट आंदोलन के चलते हरियाणा में जिंदगी पटरी पर लौटने लगी है। हिसार-चंडीगढ़ हाइवे खोल दिया गया है। कालावन के पास रेलवे ट्रैक को खाली कर दिया गया है। टोहाना में जाटों ने आंदोलन को वापस लेने का ऐलान कर दिया है। महेंद्रगढ़ जिले में शांति बनी हुई है।

कई जिलों में कफर्यू हटा दिया गया है। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर सेना पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सोनीपत में कफर्यू में 4 घंटे की ढील दी गई है। सिरसा से फतेहाबाद के बीच रोडवेज बस सेवा शुरू कर दी गई है।

हालांकि जांट आंदोजन के चलते कुरुक्षेत्र में आज होने वाली बीएड की सप्लीमेंट्री परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी ट्रेन रद्द है। सिरसा और डबवाली में किसानों का धरना जारी है। डबवाली में इनेलो ने कांग्रेस के प्रो वीरेंद्र सिंह का पुतला फूंका।

अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में आरक्षण के लिए चल रहा जाटों का आंदोलन जहां हरियाणा में कुछ जगह थम गया है, वहीं राजस्थान के भरतपुर में यह तेज़ हो गया है। वहां सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने दो बसों में आग लगा दी, इसे देखते हुए प्रशासन ने ज़िले में धारा 144 लगा दी है और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।

हाइकोर्ट ने खालिद को दिया झटका, कहा- पहले सरेंडर करो

देश विरोधी नारे लगाने के आरोपी उमर खालिद द्वारा सुरक्षा की मांग के लिए दायर की गई याचिका की सुनवाई पर दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उमर और अनिर्बन भट्टाचार्य को आत्म समर्पण करना ही होगा और उन्हें कानून की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई कल भी जारी रहेगी।

इस बीच कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के जेएनयू में प्रवेश और आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी पर निर्देश देने संबंधी याचिका को अस्वीकार कर दिया है। बता दें कि आज ही उमर खालिद सहित पांच छात्रों ने आत्मसर्पण के लिए सुरक्षा की मांग संबंधी याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की थी।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी भी हालत में समर्पण करने की प्रक्रिया से मुक्त नहीं किया जा सकता। इस पर बचाव पक्ष की ओर से समर्पण करने वाली जगह के बारे में दलील दी गई जिस पर कोर्ट ने कल सुनवाई करने का आदेश दे दिया।

स्पष्ट है कि कोर्ट ने पुलिस द्वारा आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी पर किसी भी तरह की रोक लगाने से इनकार करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें पुलिस के सामने समर्पण करना ही होगा।

वहीं दोपहर को अत्प्रत्याशित घटनाक्रम में काफी संख्या में अचानक बीएसएफ के जवानों को जेएनयू परिसर में तैनात कर दिया गया। हालांकि कुछ देर बाद ही बीएसएफ को वहां से हटाकर दिल्‍ली पुलिस को लगा दिया गया।

बीएस बस्सी ने लिया यू टर्न, कन्हैया की बेल का करेंगे विरोध

जेएनयू में 9 फरवरी को देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार छात्र नेता कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई बुधवार तक के लिए टल गई।

इसके साथ ही ये बात सामने आई है कि दिल्ली पुलिस अपने रुख पर ही यू-टर्न लेते हुए अब कन्हैया कुमार की जमानत याचिका का विरोध करने का फैसला किया है। बता दें कि 17 फरवरी को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बस्सी ने कहा था कि पुलिस कन्हैया की जमानत का विरोध करेगी।

इस मामले पर बीएस बस्सी का कहना है कि कन्हैया कुछ दिन पहले से अब के हालात बदल चुके हैं। और हम यह पक्के तौर पर कह सकते हैं कि अगर कन्हैया बेल पर बाहर आता है तो, वो जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए हमने उसकी जमानत का विरोध किया है।

रोहित के समर्थन में मार्च, केजरीवाल और राहुल भी पहुंचे

रोहित वेमुला खुदकुशी मामले पर जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पहुंचे और केंद्र पर जमकर निशाना साधा। हालांकि केजरीवाल को यहां विरोध भी झेलना पड़ा।

केजरीवाल ने कहा कि केंद्र के मंत्रियों ने रोहित को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। सीएम ने कहा कि सरकार दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो गई है। देश में किसी को भी बेवजह देशद्रोही करार दिया जा रहा है। सीएम ने कहा कि मैं आरक्षण का समर्थक हूं।

केजरीवाल से पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी इस धरना प्रदर्शन में शामिल हुए थे। राहुल गांधी ने भी जंतर-मंतर से केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि रोहित भविष्य की बातें करता था। लेकिन आरएसएस को ये पसंद नहीं था। केंद्र सरकार विरोधियों की आवाज दबाना चाहती है।

इस मार्च में एनएसयूआई और अन्य संगठनों के छात्र शामिल रहे। मार्च में नीले झंड़ों के साथ खूब शोर-शराबे के साथ नारेबाजी हुई।
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लश्कर के समर्थन में आया जमात, हमले की बधाई दी

करीब 15 साल बाद पहली बार पाकिस्तान के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के नेताओं ने लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन में ट्वीट किया है। सार्वजनिक तौर पर किया गया ये ट्वीट पांपोर में हुए आतंकी हमले को लेकर बधाई दी है। आतंकियों द्वारा किया गया ये हमला 48 घंटे तक चला था।

इस हमले में तीन सैन्य जवान और दो केंद्रीय पुलिस के जवान शहीद हो गए थे। करीब दर्जन भर लोग घायल भी हुए। बता दें कि 26/11 हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जमात-उद-दावा पर पाबंदी लगा दी थी।

जमात उद दावा के सोशल मीडिया सेल के मुखिया तहा मुनीब ने सोमवार सुबह कई ट्वीट्स किए। इसमें कहा गया कि भारतीय सिपाहियों को लश्कर-ए-तैयबा के कश्मीरी मुजाहिदीनियों ने जहन्नुम में भेज दिया। मुनीब ने भारतीय सेना पर कई और हमले की धमकी दी। एक और ट्वीट में कहा गया कि अगर अपने युवा कैप्टन को बचाना चाहते हैं तो 'कश्मीर छोड़ना' ही सबसे आसान हल है।

मुनीब ने धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर कश्मीर को छोड़ा नहीं गया तो भारत के विनाश को कोई नहीं रोक सकता। एक और ट्वीट में कहा गया कि हम लश्कर-ए-तैयबा का पूरी तरह से समर्थन करते हैं। कश्मीर छोड़ दो और अपनी डरी हुई सेना को लश्कर-ए-तैयबा के कश्मीरी मुजाहिदीनियों से बचा लो।
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