देश की शीर्ष अदालत ने बुधवार दोपहर उत्तर प्रदेश में नए लोकायुक्त की नियुक्ती कर दी। इलाहाबाद हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज वीरेन्द्र सिंह को यूपी के लोकायुक्त का पद मिला है। ऐसा पहली बार हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने किसी राज्य का लोकायुक्त नियुक्त किया है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार दोपहर को ये फैसला सुनाया। यूपी में लोकायुक्त की नियुक्ति कई दिनों से लटकी हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने जल्द से जल्द लोकायुक्त नियुक्त करने के लिए सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा है कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अनसुना कर दिया। ये बेहद अफ़सोसजनक है। ऐसे में हम अनुच्छेद 142 के तहत लोकायुक्त की नियुक्ति का आदेश देते हैं।
राज्य सरकार इस आदेश को देखते हुए नियुक्ति आदेश जारी करेगी। 20 दिसंबर तक राज्य सरकार अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल करेगी। जस्टिस वीरेन्द्र सिंह इलाहाबाद हाइकोर्ट के रिटायर्ड जज हैं। वीरेन्द्र सिंह यूपी में मेरठ के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
इससे पूर्व लोकायुक्त के चयन को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में चयन समिति की पांच घंटे तक बैठक चली थी। इस बैठक में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन सकी।
कांग्रेस ने राष्ट्रपति से की अरुणाचल के राज्यपाल की शिकायत
केंद्र पर अरुणाचल प्रदेश की सरकार को बर्खास्त करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और कई वरिष्ठ नेतााओं ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के जरिए प्रदेश सरकार को 'पूर्व नियोजित योजना' के तहत बेदखल करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के समक्ष राज्यपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा। राष्ट्रपति भवन परिसर में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता कांग्रेस के चंद असंतुष्ट विधायकों के साथ मिलकर आरुणाचल की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले अरुणाचल विधानसभा का तीन दिन का शीत सत्र बुलाने का आदेश दिया है। पहले शीत सत्र का 14 जनवरी से 18 जनवरी तक बुलाया जाना था, लेकिन उन्होंने इसे 16 से 18 दिसंबर तक बुलाने का आदेश दिया। राज्यपाल के आदेश से राज्य में राजनीतिक अस्थिरिता के हालात पैदा हो गए हैं।
सरकार को कोस रहे मान को मोदी ने पिलाया पानी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दफ्तर पर सीबीआई छापे को लेकर दूसरे दिन भी संसद में हंगामा हुआ, लेकिन इसी हंगामें के बीच एक मजेदार वाकया भी सामने आया। जब आम आदमी पार्टी के सांसद और मशहूर कॉमेडियन भगवंत मान सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करते हुए वेल तक आ गए।
अन्य सांसदों के साथ मान काफी तेज तेज आवाज में सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच उन्हें प्यास लगी तो उन्होंने दाएं बाएं देखा लेकिन कहीं पानी की बोतल नहीं दिखाई दी।
इसी बीच उनकी बेचैनी को अगली पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री ने भांप लिया, उन्होंने तुंरत अपने सामने रखे पानी के गिलास को मान की ओर बढ़ा दिया। प्यासे मान ने भी बिना देर किए मोदी से पानी लेकर पीना शुरू कर दिया। पानी पीने के बाद मान ने बिना कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करे फिर नारेबाजी शुरू कर दिया।
मोदी ने भी एक मुस्कान के साथ मान से गिलास वापस लेकर उसे ढक दिया। वहीं इस नजारे पर पीछे बैठे भाजपा सांसदों की निगाह पड़ी तो उन्होंने मेजे थप थपाकर प्रधानमंत्री की सराहना की।
हालांकि देर शाम आम आदमी पार्टी ने इसको भी मुद्दा बना लिया। आप प्रवक्ता संजय सिंह ने मोदी पर आरोप लगाया कि मोदी संसद में मान को जिस तरह पानी पेश कर रहे थे उस तरह अगर वह किसानों की मौत पर भी संवदेनशीलता दिखाते तो ज्यादा अच्छा था।
वहीं आप की ओर से एक सूची जारी करते हुए बताया गया कि सीएम ऑफिस पर छापे के दौरान सीबीआई ये फाइलें वहां से ले गई हैं। जिसमें डीडीसीए के अध्यक्ष अरुण जेटली के घोटालों से जुड़ी फाइल भी है।
असहिष्णुता पर दिए बयान पर पलटे शाहरुख खान
दिन की एक खास खबर ये भी रही कि कुछ दिन पहले देश में असहिष्णुता बढ़ने के मुद्दे पर दिए अपने बयान पर बॉलीवुड बादशाह ने सफाई दी है। एक टीवी चैनल के शो में बातचीत के दौरान शाहरुख ने साफ कहा कि देश में कहीं भी असहिष्णुता जैसी बात नहीं है।
अपने पूर्व के बयान पर उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत समझा गया। उन्होंने ये बयान अगली पीढ़ी को ध्यान में रखकर दिया था। वर्तमान में देश में कोई समस्या नहीं है। फिर भी उनके बयान से अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो वो माफी मांगते हैं।
वहीं शाहरुख ने इस दौरान यह भी साफ कर दिया कि कुछ लोग तो कह देगें कि फिल्म रिलीज हो रही है, इसलिए ये कह रहा है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्हें लगता है कि देश में सब ठीक है। तो वो कह रहे हैं, कि सब ठीक है। शाहरुख ने कहा कि वो भारतीय होने पर गर्व करते हैं। उन्हें अपने देश से प्यार है।
डीजल टेंकर में लगी आग तीन की मौत
उत्तर प्रदेश में आगरा के निकट NH-2 पर रायपुरा जाट गांव के सामने डीजल टैंकर में आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया। जिसमें चार महिला और एक पुरुष जिंदा जल गए। इनमें से तीन महिलाओं बबली, श्यामी और मंजू की मौत हो गई। वहीं कुसुम और कमलेश को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी मृतक आगरा के शमसाबाद के निवासी बताए गए हैं।
बताया जा रहा है डीजल टैंकर मथुरा से आगरा जा रहा था। इसी बीच तेज रफ्तार टैंकर अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गया। इसके बाद बिजली के खंभे से हाइटेंशन तार टूटकर डीजल के टैंकर पर गिर गया।
चिंगारी लगने से डीजल टैंकर में आग लग गई। हादसे के समय सात लोग टैंकर में ड्राइवर के पास बैठे थे। जिनमें से पांच को आग ने अपनी चपेट में ले लिया जबकि ड्राइवर सहित तीन भाग निकलने में सफल रहे।
आग इतनी ज्यादा भीषण थी कि फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों को आग बुझाने की मशक्कत करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि यह घटना दो बजे करीब घटी।
शकूरबस्ती सीमेंट साइट पर झुग्गी तोड़ने के मामले में रेलवे ने हाईकोर्ट के सामने अपनी गलती मान ली है। रेलवे की ओर से कहा गया है कि मामले में कार्रवाई गलत समय पर की गई।
गौरतलब है कि शकूरबस्ती सीमेंट साइट पर बनी करीब 500 झुग्गियों को रेलवे ने शनिवार रात तोड़ दिया था। इस दौरान ठंड में लोगों के बेघर होने पर आप सरकार ने जमकर हंगामा किया था। हादसे में कथित तौर पर एक बच्ची की मौत भी हुई थी।
इस पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने दो एसडीएम को सस्पेंड कर दिया था। वहीं, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच भी मामले को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। लेकिन अब हाईकोर्ट में रेलवे ने अपनी गलती मान ली है।
मामले पर केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भी संसद में जवाब देना पड़ा था। वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था। सियासत तेज होने पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद कहा था कि अब रेलवे बिना पुर्नवास झुग्गी बस्तियों को नहीं तोड़ेगा और जहां झुग्गी वहां मकान की नीति पर रेलवे काम करेगा।